बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने जारी की पहली ‘यूनिवर्सिटी कोर्स पॉलिसी’: जानें क्या है खास…
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): एकेडमिक ट्रांसपेरेंसी (शैक्षणिक पारदर्शिता), क्वालिटी एश्योरेंस और स्टूडेंट-सेंट्रिक गवर्नेंस (छात्र-केंद्रित शासन) को और मजबूत करने की दिशा में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने पहली बार अपनी ‘यूनिवर्सिटी कोर्स पॉलिसी’ जारी की है। यह महत्वपूर्ण पब्लिकेशन यूनिवर्सिटी के तहत ऑफर किए जाने वाले सभी एकेडमिक कोर्सेज के बारे में एक ही जगह पर सटीक, अप-टू-डेट और आसानी से सुलभ जानकारी प्रदान करता है।
इस नीतिगत दस्तावेज को जारी करते हुए यूनिवर्सिटी के माननीय वाइस-चांसलर, प्रो. (डॉ.) राजीव सूद ने कहा कि यह कोर्स पॉलिसी एकेडमिक एक्सीलेंस, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कोर्स पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं:
यह पब्लिकेशन केवल एक सामान्य प्रॉस्पेक्टस नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए एक भरोसेमंद गाइड के रूप में तैयार किया गया है। इसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल की गई हैं:-
विस्तृत कोर्स विवरण: यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित विभिन्न कोर्सेज की सूची।
योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया: एडमिशन के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी और उसकी पूरी प्रक्रिया।
कोर्स की अवधि: हर कोर्स की समय-सीमा (ड्यूरेशन) की स्पष्ट जानकारी।
संबद्ध कॉलेज: यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड कॉलेजों का पूरा ब्योरा।
कैरियर के अवसर: कोर्स पूरा करने के बाद मिलने वाले नौकरी और रोजगार के मौकों की विस्तृत जानकारी।
शिक्षा ही नेशन बिल्डिंग की नींव: प्रो. (डॉ.) राजीव सूद
पॉलिसी को लॉन्च करते हुए वाइस-चांसलर प्रो. सूद ने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:-
एजुकेशन ही देश में नॉलेज, इनोवेशन और नेशन बिल्डिंग (राष्ट्र निर्माण) की नींव है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप, BFUHS लगातार अच्छी क्वालिटी की एजुकेशन, मल्टीडिसिप्लिनरी पढ़ाई, रिसर्च, इनोवेशन और स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स और उनके परिवारों का यूनिवर्सिटी पर भरोसा मजबूत करना है, ताकि छात्र बिना किसी भ्रम के अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सही और सोच-समझकर फैसले ले सकें।
भविष्य का रोडमैप: जारी होंगे 20 नए पॉलिसी डॉक्युमेंट्स
वाइस-चांसलर ने इस पब्लिकेशन को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC), एफिलिएटेड कॉलेजों के प्रिंसिपल्स, टीचर्स और स्टाफ के योगदान की सराहना की। उन्होंने भविष्य के रोडमैप को साझा करते हुए बताया कि बड़ी संस्थागत पहल: यह पब्लिकेशन केवल शुरुआत है। आने वाले समय में IQAC शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लगभग 20 विस्तृत पॉलिसी डॉक्युमेंट्स तैयार करके जारी करेगा।
समानता और सुधार: ये नए दस्तावेज यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूत करेंगे, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में एकरूपता लाएंगे और यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष खड़ा करेंगे।
जनता और स्टेकहोल्डर्स से मांगा फीडबैक:
यूनिवर्सिटी ने इस पहले एडिशन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए फीडबैक का रास्ता भी खुला रखा है। वाइस-चांसलर ने एकेडमिक कम्युनिटी, छात्रों और आम जनता को आमंत्रित किया है कि वे भविष्य के एडिशन्स और अन्य पॉलिसी दस्तावेजों को और बेहतर बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव और फीडबैक यूनिवर्सिटी से साझा करें।
इस पहल के साथ, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज ने देश में हेल्थ एजुकेशन के समग्र विकास और पारदर्शिता के प्रति अपना संकल्प एक बार फिर दोहराया है।
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