*हल्दी में चूना पत्थर मिलाकर बेचने वालों कारोबारियों पर कब होगी कार्यवाही।*
*हल्दी के नाम पर चूना पत्थर जहर मिलाकर बेच रहे हल्दी कारोबारी*
उमरिया जिले मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिल्हारी सहित आसपास गांव में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया चिल्हारी के चक्की व्यवसायिकों द्वारा बताया गया हल्दी गाठी पिसवाने चिल्हारी अलग-अलग जगहों से लोग पहुंचते हैं भारी संख्या पर हल्दी की गाठी में चूना पत्थर की मात्रा डालकर पिसवाते है हम लोग माना करते हैं तो उनके द्वारा नही पिसवाने की धमकी देते है चक्की व्यवसायिकों का कहना है हमारा आय का स्त्रोत चक्की इसी से पालन पोषण कर परिवार का पालन पोषण करते वही हल्दी गांठ के साथ चूना मिलाकर बड़ी संख्या पर हल्दी को दूर दराज ब्यौहारी, जयसिंह नगर सहित अन्य अन्य जगह हाट बाजार में खुलेआम शुद्ध हल्दी के नाम पर जहर बेचा जा रहा: हल्दी और चूना दोनों ही पारंपरिक रूप से कई घरेलू उपचारों और नुस्खों में उपयोग किए जाते हैं। लोगों का मानना है कि चूने की तासीर गर्म होती है और यह क्षारीय होता है। यदि इसे सीधे या अधिक मात्रा में खाया जाए, तो पेट या गले में जलन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। हल्दी में चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) मिलाने पर रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण इसका रंग पीले से बदलकर लाल या गहरा लाल-भूरा हो जाता है。ऐसा हल्दी में मौजूद ‘करक्यूमिन’ (Curcumin) नामक प्राकृतिक घटक के कारण होता है, जो क्षार (बेसिक) पदार्थों के संपर्क में आने पर अपना रंग बदल लेता है जिससे प्रतीक होता है हल्दी शुद्ध है और मार्केट में इसकी कीमत दुगनी हो जाती。
*हल्दी के नाम पर चूना पत्थर जहर तो नहीं खा रहे*
हल्दी स्वास्थ्य के लिए बहुत गुणकारी है। इसमें मौजूद ‘करक्यूमिन’ एंटी-ऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुणों से भरपूर होता है। जहां सीमित मात्रा में इसका सेवन तुरंत इम्युनिटी बढ़ाता है और घाव भरता है, हल्दी के अनेकों लाभ है लेकिन क्या आप भी हल्दी के नाम पर चूना मिलाई मिलावट जहर तो नहीं खा रहे जो शरीर के घातक हो अगर आपको ऐसा मिलावट हल्दी लगता है आप सीएम हेल्पलाइन 181 अथवा खाद्य शाखा में शिकायत कर सकते है।
*खाद्य विभाग से जांच की मांग* ग्रामीण क्षेत्रीय जनो ने मिलावटी हल्दी में चूना पत्थर जैसे जहर मिलाकर ऐसे कारोबारी जो आमजन के लिए स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं उनको चिन्हित कर शिकंजा कसने मांग की है।
राजर्षि मिश्रा की कलम से





