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फरीदकोट को टीबी मुक्त बनाने के लिए डीसी पूनमदीप कौर की बड़ी पहल: समाज सेवी संस्थाएं और औद्योगिक इकाइयां संभालेंगी मरीजों की जिम्मेदारी…

Alexander D’Souza
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फरीदकोट को टीबी मुक्त बनाने के लिए डीसी पूनमदीप कौर की बड़ी पहल: समाज सेवी संस्थाएं और औद्योगिक इकाइयां संभालेंगी मरीजों की जिम्मेदारी…


फरीदकोट (ऐलिंगजेंडर डिसूजा): जिले को टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) की बीमारी से पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प के साथ डिप्टी कमिश्नर मैडम पूनमदीप कौर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनकी अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष बैठक में सरकारी विभागों, औद्योगिक इकाइयों और समाज सेवी संगठनों को एकजुट कर टीबी उन्मूलन के लिए विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
मरीजों को ‘गोद’ लेंगे संगठन: प्रशासन की नई रणनीति मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने एक भावुक और प्रशासनिक अपील करते हुए सभी स्टेक होल्डर्स से टीबी के मरीजों को ‘गोद’ लेने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दवा ही काफी नहीं है, बल्कि मरीजों को पौष्टिक आहार (Nutritional Support) और निरंतर निगरानी की भी सख्त जरूरत है
“प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी टीबी मरीज संसाधनों के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। इसके लिए मरीजों को अलग-अलग संगठनों में वितरित किया गया है ताकि हर व्यक्ति तक व्यक्तिगत मदद पहुँच सके”: पूनमदीप कौर, डीसी फरीदकोट।
इन प्रमुख संगठनों ने बढ़ाया मदद का हाथ:
बैठक में उपस्थित विभिन्न इकाइयों ने इस नेक कार्य में अपनी पूरी भागीदारी सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
जनरल मैनेजर इंडस्ट्रीज एवं फैक्ट्री एसोसिएशन, अग्रवाल सेवा समिति, मॉडर्न मार्बल्स, कोटकपूरा जीएम क्लब और अन्य स्थानीय सामाजिक संस्थाएं।सरकारी सुविधाएं और ‘निक्षय मित्र’ योजनाजिला टीबी ऑफिसर डॉ. लीना चोपड़ा भल्ला ने बीमारी के लक्षणों और बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी के टेस्ट और इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं।
वहीं, स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. जसकीरत सिंह ने केंद्र सरकार की ‘निक्षय मित्र’ योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे आम नागरिक और संगठन मरीजों के पोषण के लिए दान देकर इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं।
मुहिम की मुख्य विशेषताएं:
प्राथमिकता विवरण पोषण सहायता मरीजों को इलाज के दौरान लगातार पौष्टिक भोजन किट उपलब्ध कराई जाएगी।
रेगुलर फॉलो-अपNGOs और औद्योगिक इकाइयां मरीजों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करेंगी।जागरूकता गांव और ब्लॉक स्तर पर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।उपस्थिति:
इस मौके पर जिला परिवार कल्याण ऑफिसर डॉ. मंदीप कौर, डॉ. हरमीत सिंह, डॉ. मलकीत सिंह, गुलशन कुमार, रोशन सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
न्यूज़:28-3,
फोटो:

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