PADB बैंक के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल: 23वें दिन भी धरना जारी…

फरीदकोट/ मुक्तसर (अलेक्जेंडर डिसूजा): प्राथमिक सहकारी कृषि विकास बैंक (PADB) की कथित ज्यादतियों और अधिकारियों के अड़ियल रवैये के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) का विरोध प्रदर्शन आज 23वें दिन में प्रवेश कर गया है। प्रशासन के साथ बार-बार हो रही बैठकों के बेनतीजा रहने से किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है।
मुख्य आरोप और मांगें:
किसानों ने बैंक प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित बातें सामने रखी हैं:-
आर्थिक शोषण: कर्ज वसूली के नाम पर किसानों से दोगुनी-तिगुनी राशि वसूली जा रही है।
अधिकारी-एजेंट मिलीभगत: बैंक कर्मचारियों और उनके द्वारा नियुक्त ‘एजेंटों’ पर किसानों को प्रताड़ित करने का आरोप है।
कार्रवाई की मांग: यूनियन ने प्रभावित किसानों की सूची डिप्टी कमिश्नर और विधायक गुरदीत सिंह सेखों को सौंपकर भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जगजीत सिंह डल्लेवाल का केंद्र पर तीखा प्रहार:
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल ने इस प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति और कृषि समझौतों पर निशाना साधा कि अमेरिका के साथ की जा रही एग्रीकल्चर डील देश को आर्थिक गुलामी की ओर धकेल देगी। लैब में तैयार ‘जीएम’ (जेनेटिकली मॉडिफाइड) खाद्य पदार्थ भारतीयों की सेहत से खिलवाड़ हैं।
डल्लेवाल की चेतावनी के मुख्य बिंदु:
सस्ती आयात नीति: बाहर से आने वाली सस्ती शराब और सोयाबीन तेल भारत के बागवानी क्षेत्र और स्थानीय तेल उद्योगों को तबाह कर देंगे।
इथेनॉल संकट: मक्के से इथेनॉल बनाने वाली फैक्ट्रियों पर भी इस नीति का बुरा प्रभाव पड़ेगा।
स्वदेशी को खतरा: विदेशी उत्पादों के आयात से देसी खेती और उद्योगों का अस्तित्व खतरे में है।
“इंसाफ मिलने तक नहीं हटेगा धरना”
जिला अध्यक्ष बोहड़ सिंह रूपैया वाला ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष तब तक थमेगा नहीं जब तक:
पीड़ित किसानों को न्याय नहीं मिल जाता।
हरी नाओ के दो भाइयों की मौत का हिसाब और उचित मुआवजा नहीं मिलता।
प्रमुख उपस्थित नेता:
इस विरोध प्रदर्शन में साहिब सिंह शेर सिंह वाला, लवप्रीत चक साहू, गुरमेल सिंह डोड और अन्य ब्लॉक व यूनिट अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
न्यूज़: 21-2,
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