सफाई कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: ‘हक की बात पर गायब हो जाते हैं साहब’, आंदोलन की चेतावनी
उमरिया।
जनता के घरों और सड़कों का कचरा साफ करने वाले सफाई कर्मचारी अब खुद अपनी समस्याओं के बोझ तले दबते नजर आ रहे हैं। उमरिया जिले की नौरोजाबाद नगर परिषद में वर्षों से चली आ रही उपेक्षा और अधिकारियों की कथित संवेदनहीनता के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

बैठक से गायब रहे जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश
मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर 5 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। संघ ने नगर परिषद प्रशासन को पूर्व सूचना देकर बैठक में शामिल होने का आग्रह किया था, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान खोजा जा सके।
लेकिन कर्मचारियों की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), अकाउंटेंट और स्थापना शाखा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित ही नहीं हुए। अधिकारियों की गैरमौजूदगी को कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के प्रति गंभीर उदासीनता और प्रशासनिक तानाशाही का प्रतीक बताया।

‘शहर साफ करने वालों की सुनने वाला कोई नहीं’
संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि वे रोज सुबह से लेकर देर रात तक शहर की सफाई व्यवस्था संभालते हैं, लेकिन जब उनके वेतन, सुविधाओं, नियुक्ति संबंधी मुद्दों और अन्य समस्याओं की बात आती है तो जिम्मेदार अधिकारी दूरी बना लेते हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि नगर परिषद प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें टालने की नीति अपना रहा है। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
CMO की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब वे विपरीत परिस्थितियों में भी शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रख सकते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के लिए कुछ समय क्यों नहीं निकाल सकते।
संघ ने आरोप लगाया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी और अन्य अधिकारियों की अनुपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि उन्हें सफाई कर्मचारियों की परेशानियों और अधिकारों की कोई चिंता नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विशेष बैठक बुलाने की मांग, अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की उठी आवाज
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नगर परिषद प्रशासन से मांग की गई कि जल्द से जल्द एक विशेष बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और कर्मचारियों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाए।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

‘अब आर-पार की लड़ाई’, आंदोलन की खुली चेतावनी
श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल मांग नहीं बल्कि प्रशासन के लिए अंतिम चेतावनी है। संघ का कहना है कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि आंदोलन के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है और नौरोजाबाद कचरे के ढेर में तब्दील होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन और बैठक से लगातार अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों की होगी।
बाइट
“हम शहर को साफ रखने के लिए हर परिस्थिति में काम करते हैं, लेकिन हमारी समस्याएं सुनने के लिए अधिकारी बैठक में तक नहीं आते। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हमें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”
रिपोर्ट: फैज मोहम्मद, उमरिया





