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मेडिकल शिक्षा को नई ऊँचाई देगा AIHSU: डॉ. राजीव सूद ने पेश किया ‘वन हेल्थ’ का विज़न—-

Alexander D’Souza
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मेडिकल शिक्षा को नई ऊँचाई देगा AIHSU: डॉ. राजीव सूद ने पेश किया ‘वन हेल्थ’ का विज़न—- 


फरीदकोट, 7 अप्रैल (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): देश की स्वास्थ्य शिक्षा और अनुसंधान को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन हेल्थ साइंसेज यूनिवर्सिटीज़ (AIHSU) की एक महत्वपूर्ण हाई-लेवल वर्चुअल मीटिंग संपन्न हुई। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) द्वारा होस्ट की गई इस बैठक की अध्यक्षता AIHSU के प्रेसिडेंट व वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) राजीव सूद ने की। इस दौरान देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञों ने भविष्य की चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर गहन मंथन किया।
मुख्य आकर्षण-‘वन हेल्थ’ और आपसी समन्वय:
बैठक को संबोधित करते हुए बी.सी. राय अवॉर्डी डॉ. राजीव सूद ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा के क्षेत्र में अब बिखराव के बजाय एकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉक्टरों, सर्जनों और रिसर्च स्कॉलर्स के बीच मज़बूत कोलेबोरेशन अनिवार्य है। AIHSU आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है।
रिसर्च बजट और सीटों में बढ़ोतरी की मांग:
बैठक में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित 3.5 करोड़ रुपये की अनुसंधान परियोजनाओं और कौशल विकास पाठ्यक्रमों की जमकर सराहना की गई। विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से सरकार से मांग की कि स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालयों का बजट बढ़ाया जाए।
मेडिकल और नर्सिंग की सीटों में वृद्धि की जाए।
फैकल्टी की संख्या बढ़ाकर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो।
आईएमए (IMA) के साथ होगा समझौता:
संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर विचार करने का निर्णय लिया गया। इससे निजी और सरकारी क्षेत्र के चिकित्सा संसाधनों का साझा उपयोग संभव हो सकेगा।
भविष्य की तकनीक-एआई और टेलीमेडिसिन पर ज़ोर:
डॉ. अरुण जामकर, डॉ. ओपी कालरा और अन्य दिग्गजों ने चिकित्सा क्षेत्र में फैल रही गलत सूचनाओं (Misinformation) पर चिंता जताई। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे।
टेलीमेडिसिन: दूर-दराज के इलाकों तक पहुँच।
AI टूल्स: स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग।
एकेडेमिया-इंडस्ट्री लिंक: शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करना।
बैठक के अन्य प्रमुख चेहरे: इस दौरान डॉ. अग्रवाल, डॉ. पी.के. पात्रा और डॉ. संजीव सोनवणे जैसी हस्तियों ने भी अपने सुझाव साझा किए। बैठक में कार्यकारी समिति के पुनर्गठन और अगली बैठक में प्रगति की समीक्षा करने का संकल्प लिया गया।
न्यूज़: 7-4,

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