ससुराल बना सफलता की सीढ़ी: फाजिल्का डीसी अमरप्रीत कौर संधू की प्रेरणादायक दास्तां—-
फाजिल्का (अलेक्जेंडर डिसूजा): कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और परिवार का साथ मिले, तो आसमान की ऊंचाइयों को छूना नामुमकिन नहीं है। फाजिल्का की वर्तमान डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अमरप्रीत कौर संधू (आईएएस) ने इस बात को सच कर दिखाया है। उनकी सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए एक मिसाल है जो बहुओं को अपनी बेटियों जैसा दर्जा देकर उनके सपनों को पंख देते हैं।
खेतों से शुरू हुआ आईएएस तक का सफर
राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक जमींदार परिवार में जन्मी अमरप्रीत का बचपन सादगी और मेहनत के बीच बीता। माता-पिता ने खेती और पशुपालन करते हुए भी अपनी बेटी के मन में बड़ा बनने का बीज बोया। अपनी शुरुआती पढ़ाई अबोहर और उच्च शिक्षा चंडीगढ़ व दिल्ली से पूरी करने वाली अमरप्रीत ने हमेशा से ही देश सेवा का सपना देखा था।
ससुराल ने निभाया ‘माता-पिता’ का फर्ज:
अमरप्रीत कौर की शादी फिरोजपुर में हुई। अक्सर माना जाता है कि शादी के बाद लड़कियों के करियर पर विराम लग जाता है, लेकिन अमरप्रीत के मामले में उनका ससुराल ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। “मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसा ससुराल मिला जिसने मेरे सपनों को अपना माना। मेरी सफलता का सारा श्रेय उन्हें जाता है, जिन्होंने मुझे चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे शहरों में कोचिंग के लिए भेजकर हर मोड़ पर मेरा हौसला बढ़ाया”—-अमरप्रीत कौर संधू, डीसी फाजिल्का।
चुनौतियां और यूपीएससी में फतह:
तैयारी के दौरान उन्हें समाज के तानों का भी सामना करना पड़ा। लोग अक्सर उनकी काबिलियत और रिजल्ट को लेकर सवाल उठाते थे, लेकिन परिवार की मानसिक मजबूती ने उन्हें डिगने नहीं दिया। अंततः 2016 बैच में यूपीएससी की परीक्षा पास कर उन्होंने इतिहास रच दिया। इससे पहले वे होशियारपुर में एसडीएम और कपूरथला में एडीसी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
बॉर्डर जिले में ‘जनता की अफसर’:
फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिले में अपनी तैनाती के दौरान अमरप्रीत ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। बाढ़ के संकट के समय उन्होंने ऑफिस में बैठने के बजाय खुद पानी में उतरकर रिलीफ वर्क का नेतृत्व किया। उनकी इसी जमीनी कार्यशैली से प्रभावित होकर आज इलाके की युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले रही है।
समाज को सशक्त संदेश:
डीसी संधू का संदेश स्पष्ट है कि बेटियों और बहुओं में फर्क करना छोड़ दें। उनका मानना है कि जब समाज बहुओं के सपनों की कद्र करना शुरू करेगा, तभी एक खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होगा।
न्यूज़: 23-3
फोटो कैप्शन: डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अमरप्रीत कौर संधू (आईएएस), जो आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
ससुराल बना सफलता की सीढ़ी: फाजिल्का डीसी अमरप्रीत कौर संधू की प्रेरणादायक दास्तां—-
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