भारतीय जनता पार्टी मंडल कुसमी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्थापना दिवस मनाया गया
*संजीव गुप्ता की रिपोर्ट*
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का स्थापना दिवस मनाया गया जिसमें फूल माला दीप प्रज्वलन किया गया जिसमें उपस्थित मंडल कुसमी के उपाध्यक्ष अध्यक्ष आदरणीय रामेश्वर सिंह जी मंडल सोशल मीडिया संजीव गुप्ता जी राज वती सिंह जी नीलम सिंह जी पूनम सिंह जी शयम वती सिंह जी माया सिंह जी धमेंद्र सिंह जी राम नारेश प्रजापति जी सभी कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे
पंडित दीनदयाल उपाध्याय (25 सितंबर 1916 – 11 फरवरी 1968) एक प्रखर राष्ट्रवादी, विचारक, अर्थशास्त्री और भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक थे। उन्होंने ‘एकात्म मानववाद’और ‘अंत्योदय’ (अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उदय) का दर्शन दिया, जो भारतीय संस्कृति पर आधारित विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। वे सादगी, संगठन क्षमता और राष्ट्र सेवा के प्रतीक थे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में विशेष
जीवन परिचय: मथुरा के नगला चंद्रभान में जन्मे उपाध्याय जी का प्रारंभिक जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा, क्योंकि छोटी उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ गया था।
दर्शन और विचारधारा: उन्होंने साम्यवाद और पूंजीवाद के विकल्प के रूप में ‘एकात्म मानववाद’ का सिद्धांत दिया, जो मनुष्य, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन की बात करता है। उनका ‘अंत्योदय’ का विचार समाज के सबसे गरीब व्यक्ति के उत्थान पर केंद्रित है।
राजनीतिक योगदान: 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और इसके अध्यक्ष भी बने। उन्होंने राष्ट्र धर्म प्रकाशन के माध्यम से अपने विचारों को प्रसारित किया।
असाधारण व्यक्तित्व: वे एक महान पत्रकार, लेखक और संपादक भी थे, जिन्होंने ‘राष्ट्रधर्म’ और ‘पाञ्चजन्य’ में अपने विचार रखे।
स्मरण: हर साल 25 सितंबर को उनकी जयंती मनाई जाती है, जिसे भारत सरकार ‘समर्पण दिवस’ के रूप में भी याद करती है।
दीनदयाल जी का दर्शन आज भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्पों के लिए प्रासंगिक है।


