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7 कांग्रेसी पार्षदों के समर्थन से ‘आप’ की जीत; कैबिनेट मंत्री मुंडियां ने किया बलजिंदर सिंह बब्बू के नाम का ऑफिशियल ऐलान,

Alexander D’Souza
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कि उस7 कांग्रेसी पार्षदों केसमर्थन से ‘आप’ की जीत; कैबिनेट मंत्री मुंडियां ने किया बलजिंदर सिंह बब्बू के नाम का ऑफिशियल ऐलान, 

-ताज के बाद भी चुनौतियों का पहाड़: खाली खजाना और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने फरीदकोट को बनाया कूड़े का ढेर
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): लंबी राजनीतिक खींचतान और माननीय हाई कोर्ट में चल रहे केस के निपटारे के बाद, फरीदकोट म्युनिसिपल काउंसिल को आखिरकार आज नया प्रेसिडेंट मिल गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता बलजिंदर सिंह बब्बू (बब्बू आहूजा) को बिना किसी विरोध के काउंसिल का नया प्रेसिडेंट चुन लिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को 7 कांग्रेसी पार्षदों का अहम समर्थन हासिल हुआ, जिसने ‘आप’ की राह को बेहद आसान बना दिया।
कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक ने दी बधाई:
इस ऐतिहासिक जीत का ऑफिशियल ऐलान पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां द्वारा किया गया। उन्होंने नवनियुक्त प्रेसिडेंट बलजिंदर सिंह बब्बू को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि नए प्रेसिडेंट मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के दूरदर्शी नेतृत्व में फरीदकोट शहर के विकास कार्यों को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएंगे।
इस खास मौके पर हल्के के विधायक (MLA) गुरदित्त सिंह सेखों भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि हाई कोर्ट में चल रहे चुनाव संबंधी केस का फैसला अब पूरी तरह से पार्टी के पक्ष में आ चुका है। इस बड़ी जीत की खुशी में ‘आप’ वर्करों ने जमकर लड्डू बांटे और जश्न मनाया।
नए प्रेसिडेंट के लिए ‘कांटों का ताज’; सामने हैं ये 3 बड़ी चुनौतियां
भले ही आम आदमी पार्टी ने म्युनिसिपल काउंसिल पर कब्ज़ा कर लिया हो, लेकिन नए प्रेसिडेंट बब्बू आहूजा के लिए यह सफर आसान नहीं होने वाला है। पद संभालते ही उनके सामने चुनौतियों का एक बड़ा पहाड़ खड़ा है। फिलहाल काउंसिल को इन तीन मुख्य संकटों से तुरंत निपटना होगा:
क्रम संख्या/ मुख्य चुनौती/ वर्तमान स्थिति और प्रभाव:-
1. कंगाली की कगार पर खजाना नगर काउंसिल का खजाना पूरी तरह खाली है। सबसे बड़ी सिरदर्दी हाल ही में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा सफाई कर्मचारियों को 1.5 करोड़ रुपये की सैलरी देने के किए गए वादे को पूरा करना और काउंसिल को वित्तीय तंगी से बाहर निकालना है।
2. राज्य स्तरीय हड़ताल का संकट स्थानीय सफाई कर्मचारी सैलरी न मिलने की वजह से पहले ही 15 दिनों की लंबी हड़ताल पर थे। प्रशासन के आश्वासन के बाद यह हड़ताल सिर्फ एक दिन के लिए स्थगित हुई थी, लेकिन अगले ही दिन से दोबारा राज्य स्तरीय हड़ताल शुरू हो गई।
3. कूड़े के ढेर में तब्दील शहर में लगातार चल रही हड़तालों के कारण फरीदकोट शहर इस समय डंपिंग ग्राउंड बन चुका है। जगह-जगह लगे गंदगी के ढेरों से प्रदूषण का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में बीमारियां फैलने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
आगे की राह पर टिकीं सबकी नजरें:
अब यह देखना बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होगा कि नए चुने गए अध्यक्ष बब्बू आहूजा पंजाब सरकार के सहयोग से फरीदकोट शहर को इस भयंकर आर्थिक तंगी और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की दोहरी मार से कैसे बाहर निकालते हैं, और शहरवासियों को गंदगी के इस नरक से कब तक निजात मिलती है।
न्यूज़: 10-1
फोटो संलग्न:

 

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