पंजाब में मेडिकल एजुकेशन को लगा ‘पंख’: BFUHS में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “सिमूवर्स 2026” का भव्य आगाज़…


फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): पंजाब में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर लाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ (BFUHS) में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “सिमूवर्स 2026” (Simuvers 2026) का उद्घाटन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य आधुनिक सिमुलेशन टेक्नोलॉजी (Simulation Technology) के माध्यम से डॉक्टरों, पोस्टग्रेजुएट छात्रों, नर्सिंग और एलाइड हेल्थ साइंसेज़ के स्टाफ को व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) देना है, ताकि मरीजों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
कैबिनेट मंत्रियों ने किया अत्याधुनिक सिमुलेशन सुविधाओं का उद्घाटन
इस भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन का आधिकारिक उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट मंत्री (रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण) श्री अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री (सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक) डॉ. बलजीत कौर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में नई आधुनिक सुविधाओं का भी लोकार्पण किया गया, जिनमें शामिल हैं:
जेरिएट्रिक केयर प्रोवाइडर लैब (Geriatric Care Provider Lab)
इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन लैब (Emergency Medical Technician Lab)
एडवांस सर्जिकल सिमुलेशन सेंटर (Advanced Surgical Simulation Center)
मल्टीडिसिप्लिनरी एडवांस सर्जिकल एनाटॉमी एंड इमेजिंग लैब
क्यों खास हैं ये सुविधाएं?
ये अत्याधुनिक लैब चिकित्सा पेशेवरों और छात्रों को वास्तविक मरीजों पर इलाज शुरू करने से पहले एक पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रित कृत्रिम (Simulated) माहौल में जटिल प्रक्रियाओं का अभ्यास करने का बेहतरीन मौका प्रदान करेंगी।
पंजाब बनेगा चिकित्सा शिक्षा का अग्रणी केंद्र: कुलपति डॉ. राजीव सूद
स्वागत भाषण के दौरान BFUHS के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) राजीव सूद ने कहा कि “सिमूवर्स 2026” पंजाब को सिमुलेशन-आधारित चिकित्सा शिक्षा का एक प्रमुख हब बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से आए प्रतिभागियों को:
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी
एंडोयूरोलॉजी और रिप्रोडक्टिव मेडिसिन
आर्थ्रोस्कोपी और न्यूरोसर्जरी
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एवं अल्ट्रासाउंड-आधारित प्रक्रियाओं की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
डॉ. सूद ने जोर देकर कहा कि इस उन्नत प्रशिक्षण का सीधा लाभ आम जनता को बेहतर और त्रुटिहीन स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलेगा।
दिग्गजों ने की विश्वविद्यालय के विजन की सराहना
कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई आधुनिक सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा, “आज के दौर में सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि उच्च-स्तरीय कौशल (High-Level Skills) की सबसे ज्यादा जरूरत है। सिमुलेशन ट्रेनिंग से डॉक्टरों का आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। प्रो. राजीव सूद के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी ने नई ऊंचाइयां छुई हैं।”
वहीं, डॉ. बलजीत कौर ने विश्वविद्यालय से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि BFUHS को राष्ट्रीय स्तर के इतने बड़े सम्मेलन की मेजबानी करते देखना गर्व की बात है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए पूरी टीम को बधाई दी।
इस मौके पर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य और विधायक श्री गुरदित सिंह सेखों ने भी गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की टीम द्वारा की जा रही तेज प्रगति की सराहना की।
देश भर के नामी चिकित्सा विशेषज्ञ हुए शामिल
इस सम्मेलन में देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों से जुड़े प्रख्यात विशेषज्ञ जैसे प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार रावल, प्रो. (डॉ.) अनूप कुमार, प्रो. (डॉ.) पी.पी. सिंह, प्रो. (डॉ.) ऋषि नायर और प्रो. (डॉ.) अनिल वार्ष्णे ने हिस्सा लिया, जिन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समारोह में रजिस्ट्रार श्री अरविंद कुमार, डीन डॉ. दीपक जॉन भट्टी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव शर्मा, मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सीमा ग्रोवर भट्टी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीतू कुक्कड़, डॉ. जसबीर कौर और आयोजन सचिव डॉ. शौरभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी मेंबर और छात्र उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: “सिमूवर्स 2026” का यह पहला दिन साइंटिफिक सेशंस और लाइव डेमो के साथ बेहद सफल रहा। उपस्थित विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पंजाब के हेल्थकेयर सेक्टर की गुणवत्ता को एक नई और सुरक्षित दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी।
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