कृषि विज्ञान केंद्र फरीदकोट ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत लगाया जागरूकता कैंप,
-किसानों को मिट्टी की जांच के अनुसार खाद इस्तेमाल करने और धान की वैज्ञानिक खेती की दी गई प्रेरणा; गांव कमेआना, रत्ती रोड़ी, मेहमूआना और शेर सिंह वाला में जुटे क्षेत्र के किसान…


फरीदकोट, 25 जून (अलेक्जेंडर डिसूजा): कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), फरीदकोट द्वारा इंचार्ज डॉ. राकेश कुमार के कुशल नेतृत्व और कृषि विभाग के विशेष सहयोग से, ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत जिले के विभिन्न गांवों में किसान जागरूकता कैंपों का आयोजन किया गया। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान की आधुनिक खेती, मिट्टी की सेहत बरकरार रखने और खादों के संतुलित इस्तेमाल के बारे में तकनीकी रूप से जागरूक करना था।
गांव कमेआना और रत्ती रोड़ी में वैज्ञानिक खेती पर चर्चा
इस अभियान के तहत गांव कमेआना और रत्ती रोड़ी में आयोजित कैंपों के दौरान, KVK के प्रोफेसर (बागवानी) डॉ. गुरदर्शन सिंह ने धान की खेती के आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषि विकास अधिकारी डॉ. सविता ने किसानों से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने के लिए जैविक और हरी खाद को प्राथमिकता देने की अपील की।
इस दौरान, सहायक प्रोफेसर (सॉइल साइंस) डॉ. पवित्र सिंह ने मिट्टी की सेहत बनाए रखने और फसलों में खादों के संतुलित उपयोग में जैविक खाद की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण नुस्खे साझा किए। वहीं, ट्रेनिंग ऑफिसर डॉ. रूपिंदर सिंह गिल ने मिट्टी और पानी की टेस्टिंग के महत्व पर ज़ोर देते हुए किसानों को प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही खाद डालने के लिए प्रेरित किया।
मेहमूआना और शेर सिंह वाला में सॉइल हेल्थ कैंप:
अभियान के दूसरे चरण में, गांव मेहमूआना और शेर सिंह वाला में विशेष कैंप लगाए गए। यहाँ डॉ. पवित्र सिंह ने किसानों को ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ के महत्व और इसके सही इस्तेमाल के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर खाद का उपयोग करने से न केवल खेती की लागत में कमी आती है, बल्कि फसलों के उत्पादन में भी भारी बढ़ोतरी होती है।
कृषि विकास अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह ने धान की सफल खेती के लिए वैज्ञानिक सुझाव दिए, जबकि कृषि विकास अधिकारी डॉ. दविंदर सिंह ने हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की ताकत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर, डॉ. सुखदीप सिंह ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी और सब्सिडी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कृषि विशेषज्ञों की अपील:
कैंप के समापन पर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से मिट्टी और पानी की नियमित जांच करवाने, फर्टिलाइजर का संतुलित प्रबंधन अपनाने और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने किसानों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के संतोषजनक जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।
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‘यस न्यूज़’ के लिए विशेष रिपोर्ट।




