किसानों से धोखाधड़ी: प्राइमरी कृषि विकास बैंक ने खाली चेक पर साइन करवाकर किया परेशान, -जांच कमेटी गठित…

फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): प्राइमरी कृषि विकास बैंक लिमिटेड द्वारा किसानों के साथ की जा रही कथित धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न का मामला गरमा गया है। किसान नेताओं ने बैंक प्रबंधन और दलालों की मिलीभगत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
ब्लैंक चेक के जरिए किसानों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न:
भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के ब्लॉक अध्यक्ष नायब सिंह शेर सिंह वाला ने बैंक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक अधिकारियों ने गैर-कानूनी तरीके से किसानों से खाली (ब्लैंक) चेक पर हस्ताक्षर करवाए हैं। इन चेकों का दुरुपयोग कर अब किसानों को न केवल आर्थिक रूप से चूना लगाया जा रहा है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
किसान नेता ने आक्रोश जताते हुए कहा कि बैंक की इन गलत और दमनकारी नीतियों के कारण आज निर्दोष किसान जेल जाने को मजबूर हो गए हैं। पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे और अब कृषि विकास बैंक भी इसी राह पर चल पड़ा है।
दलालों के जरिए मोटी रकम की वसूली का पर्दाफाश:
नायब सिंह ने बैंक और दलालों के गठजोड़ का पर्दाफाश करते हुए बताया कि बैंक अधिकारियों की शह पर ‘वर्मा’ नाम का एक कथित ब्रोकर सक्रिय है। इस दलाल ने लोन पास कराने के बहाने भोले-भले किसानों से मोटी रकम वसूली है। किसानों की इस अंधी लूट और शोषण के खिलाफ यूनियन ने पुरजोर आवाज उठाई है।
चंडीगढ़ मुख्यालय एक्शन में: उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित:
किसानों के भारी विरोध और शिकायतों के बाद चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों ने मामले में दखल दिया है। बैंक अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत की गहराई से जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन कमेटी बनाई गई है।
कमेटी में शामिल प्रतिनिधि:
प्रशासन: जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) का एक प्रतिनिधि।
पुलिस: एसएसपी (SSP) कार्यालय का एक प्रतिनिधि।
किसान: भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) का एक प्रतिनिधि।
यह त्रिपक्षीय कमेटी पूरे घोटाले की तह तक जाकर दोषियों को बेनकाब करेगी।
किसानों के पक्ष में एकजुट हुए गणमान्य लोग
इस विरोध प्रदर्शन और घोषणा के दौरान किसानों के हक में आवाज बुलंद करने के लिए भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से ब्लॉक सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लवप्रीत सिंह चक साहू, सरदार गुज्जर सिंह कौनी, और सरपंच राजविंदर सिंह समेत कई स्थानीय गणमान्य नागरिक शामिल थे। किसान नेताओं ने साफ किया है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और किसानों को न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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फोटो कैप्शन: किसानों के हक में प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के पदाधिकारी और पीड़ित किसान,





