मोदी और मान सरकार की दमनकारी नीतियों से लोगों का संघर्ष कम नहीं होगा: कर्मचारी नेता
-आने वाले विधानसभा चुनावों में ‘आप’ सरकार को मुंह की खानी पड़ेगी; 7 अगस्त को चंडीगढ़ में आयोजित होगी एक विशाल महारैली…
फरीदकोट 24 जुलाई (अलेक्जेंडर डिसूजा): केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार की जनविरोधी व दमनकारी नीतियों के खिलाफ मुखर होते हुए विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज को सरकारी दमन से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने सत्ताधारी दलों को चेतावनी देते हुए ऐसी नीतियों से तुरंत बाज आने की नसीहत दी।
पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज़ फेडरेशन (1680 सेक्टर 22B, चंडीगढ़) के प्रांतीय अध्यक्ष रणजीत सिंह रणवां, महासचिव सुरिंदर कुमार पुआरी, पंजाब पेंशनर्स यूनियन (ATU) के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह चहल, महासचिव प्रेम चावला तथा पावरकॉम पेंशनर्स यूनियन के नेता राधे श्याम, चमकौर सिंह बिरमी, नरिंदर बल और चांद सिंह डोड ने साझा बयान में भगवंत मान सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
7 अगस्त को चंडीगढ़ में होगी स्टेट लेवल की ‘महारैली’:
कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया कि सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए ‘जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी’ की ओर से 7 अगस्त को अनाज मंडी, सेक्टर 39, चंडीगढ़ में एक विशाल राज्य स्तरीय महारैली का आयोजन किया जा रहा है।
“इस रैली में पंजाब के सभी जिलों से हजारों की संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स जुटेंगे और सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त करेंगे। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए पंजाब और चंडीगढ़ स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं”: कर्मचारी संयुक्त मोर्चा।
प्रमुख मांगें:-
कर्मचारियों और पेंशनर्स का बकाया 18% महंगाई भत्ता (DA) तुरंत जारी किया जाए।
पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बिना किसी शर्त के फिर से लागू किया जाए।
बिना वेतन या मानदेय पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को जल्द से जल्द रेगुलर किया जाए।
कोर्ट को गुमराह करने का आरोप:
नेताओं ने भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाया कि वह लंबित मांगों को पूरा करने से बच रही है और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष कर्मचारी-विरोधी तर्क प्रस्तुत करके अदालत को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों का समाधान नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी को आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
पुलिस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा:
नेताओं ने बरनाला में सफाई कर्मचारियों, खन्ना में मनरेगा मजदूरों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों व युवाओं पर हुए पुलिसिया अत्याचार और लाठीचार्ज की सख्त निंदा की। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की।
साथ ही, नेताओं ने कहा कि दिल्ली और पंजाब की सत्ताधारी पार्टियां अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मगरमच्छ के आंसू बहाना बंद करें। इसके अलावा, संगठनों ने 29 जुलाई को संगरूर में ‘पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट’ द्वारा आयोजित सफाई कर्मचारियों, बिजली कर्मचारियों और नरेगा मजदूरों की राज्यव्यापी रैली व हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
न्यूज़: 24-1
फोटो: 




