तेज आंधी और बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल, नौरोज़ाबाद के बाजार और घरों में घुसा पानी
जल निकासी व्यवस्था हुई ध्वस्त, दुकानदारों और आम लोगों को भारी नुकसान
उमरिया/नौरोज़ाबाद। फैज मोहम्मद।
उमरिया जिले के नौरोज़ाबाद नगर में गुरुवार शाम अचानक बदले मौसम ने नगर पालिका की तैयारियों और दावों की हकीकत उजागर कर दी। तेज आंधी-तूफान और उसके बाद हुई लगातार बारिश से पूरे नगर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ ही देर की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी, जिसके चलते मुख्य बाजार सहित कई वार्डों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज धूलभरी आंधी शुरू हो गई। आंधी का वेग इतना अधिक था कि सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। करीब आधे घंटे तक चली आंधी के बाद हल्की बारिश शुरू हुई, जो धीरे-धीरे लगातार बरसती रही और नगर के कई हिस्सों में परेशानी का कारण बन गई।
बारिश के कारण शहर की नालियां उफन पड़ीं और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। नौरोज़ाबाद के मुख्य बाजार, बस स्टैंड क्षेत्र तथा कई वार्डों में पानी भर गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी दुकानों और मकानों के भीतर पहुंच गया।
मुख्य बाजार में स्थित कई किराना, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में पानी घुस जाने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। दुकानों में रखा कीमती सामान पानी की चपेट में आने से खराब हो गया। व्यापारियों ने नगर पालिका की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कई घरों के कमरों और रसोई तक में पानी भर गया, जिसके बाद परिवारों को बाल्टियों और अन्य साधनों की मदद से पानी बाहर निकालना पड़ा। अचानक आई इस बारिश ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर में नालियों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि आगामी मानसून में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
फिलहाल नगर में पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो आगामी दिनों में होने वाली भारी बारिश के दौरान हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।





