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बिजुरी कांड: नाबालिग की संदिग्ध मौत पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए ‘लीपापोती’ के आरोप

admin
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बिजुरी कांड: नाबालिग की संदिग्ध मौत पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए ‘लीपापोती’ के आरोप

 

उग्र आंदोलन की चेतावनी; कहा- गैंगरेप की घटना को लूट का मामला बनाकर आरोपियों को बचा रही पुलिस, टीआई को तत्काल हटाएं

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अनूपपुर (रिपोर्ट):

 

जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र (अनुविभाग कोतमा) में 20 मई को हुई एक नाबालिग की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अनूपपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पुलिस अधीक्षक को एक कड़ा पत्र लिखा है। कांग्रेस ने बिजुरी पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने, आरोपियों को बचाने और गैंगरेप जैसी जघन्य घटना को महज ‘लूट’ का रूप देने का संगीन आरोप लगाया है।

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जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्याम कुमार “गुड्डू चौहान” के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस आम जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।

 

पुलिस की थ्योरी पर कांग्रेस के तीखे सवाल

पत्र में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत की बात सामने आ रही है। लेकिन पुलिस ने बिना सूक्ष्म जांच किए अपनी जवाबदेही से बचने के लिए मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी है।

 

कांग्रेस द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें और आरोप:

 

उम्र में हेरफेर का आरोप: कांग्रेस ने पुलिस पर सबसे बड़ा आरोप यह लगाया है कि मृतका की उम्र महज 17 वर्ष थी, लेकिन बिजुरी पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर उसे 20 साल का बता दिया। कांग्रेस ने इसे सोची-समझी रणनीति बताते हुए थाना प्रभारी को तत्काल हटाकर उनके खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है।

 

 

फरियादी की भूमिका संदिग्ध: जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है और जो बच्ची को सुनसान जगह पर ले गया था, उसे भी पुलिस नाबालिग बता रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि उसका मेडिकल परीक्षण कराकर उसके दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए।

 

 

कॉल डिटेल्स की हो जांच: पीड़िता, उसके कथित भाई और फरियादी के फोन की कॉल डिटेल्स निकालकर बारीकी से जांच की जाए, ताकि घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल अन्य लोगों का पर्दाफाश हो सके।

 

कोतमा से बाहर के अधिकारी करें जांच: स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध होने के कारण कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कोतमा क्षेत्र के बाहर के वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जाए।

पीड़ित परिवार को मिले सुरक्षा, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

 

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पत्र के अंत में प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार इस समय डरा हुआ है। उन्हें तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए ताकि वे बिना डर के अपनी बात रख सकें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि एक तय समय सीमा में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई नहीं होती है, तो जिला कांग्रेस कमेटी बड़ा जन-आंदोलन करने के लिए विवश होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

 

अब देखना यह है कि कांग्रेस के इस कड़े रुख और गंभीर आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक अनूपपुर इस

मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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