एनडीआरएफ ने नेहरू स्टेडियम में डिज़ास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम किया,
-मॉक ड्रिल के ज़रिए लोगों को बचाव के टिप्स सिखाए;
-सरकारी डिपार्टमेंट और NGOs ने हिस्सा लिया—-

फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): कुदरती आफ़तों और अचानक होने वाले हादसों में जान-माल के नुकसान को कम करने के मकसद से आज फरीदकोट के नेहरू स्टेडियम में सालाना डिज़ास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम किया गया। डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर मैडम लवप्रीत कौर की गाइडेंस में हुए इस इवेंट में एनडीआरएफ टीम ने अलग-अलग टेक्नीक से बचाव के काम दिखाए।
मॉक ड्रिल बनी आकर्षण का केंद्र:
टीम 7वीं बटालियन एनडीआरएफ की लीडरशिप में पहुंची। बठिंडा के कमांडेंट, श्री बलजिंदर सिंह ने बहुत ही आसान तरीके से लोगों को जागरूक किया। प्रोग्राम के दौरान एक खास मॉक ड्रिल की गई, जिसमें दिखाया गया कि बाढ़ और आग जैसी स्थितियों में तुरंत एक्शन कैसे लिया जाए।
घायलों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने के सही तरीके।
इमरजेंसी के दौरान मौजूद रिसोर्स का सही इस्तेमाल। तैयारी ही बचाव का मुख्य ज़रिया है:
इस मौके पर खास तौर पर मौजूद तहसीलदार श्री हर्षवीर गोयल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आम नागरिक और एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट आपस में तालमेल बनाकर काम करें, तो बड़े हादसों का असर कम किया जा सकता है।
कोऑर्डिनेशन बढ़ाने पर ज़ोर:
इस एक्सरसाइज़ का मुख्य मकसद सरकारी डिपार्टमेंट, एनडीआरएफ और समाजसेवी संस्थाओं (एनजीओएस) के बीच तालमेल को मज़बूत करना था। प्रोग्राम में अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने हिस्सा लिया और बचाव की बारीकियां सीखीं।
न्यूज़: 19-6,
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