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समय पर नहीं मिली एम्बुलेंस, युवाओं की सूझबूझ से बची जान; सर्पदंश पीड़िता सुरक्षित

admin
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समय पर नहीं मिली एम्बुलेंस, युवाओं की सूझबूझ से बची जान; सर्पदंश पीड़िता सुरक्षित

 

उमरिया/मानिकपुर।

09 जून की शाम उमरिया जिले के  ग्राम मानिकपुर में सर्पदंश की एक गंभीर घटना में कुमारी सत्या देवी महरा की जान पर बन आई। परिजनों द्वारा 108 एम्बुलेंस को सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके बाद डॉ. विजय कुमार महरा और कमलेश झरिया ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए बिना देर किए मरीज को अपनी मोटरसाइकिल से लगभग 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल उमरिया पहुँचाया।

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अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया, जिससे पीड़िता की स्थिति नियंत्रण में आ गई। बाद में बेहतर इलाज हेतु उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया। इस दौरान दाराचंद महरा और बच्ची के पिता भी साथ मौजूद रहे। चिकित्सकों के अनुसार अब मरीज की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और युवाओं की सूझबूझ से बची एक अनमोल जान की मिसाल बन गई।

 

सर्पदंश होने पर क्या करें:

सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, मरीज को तुरंत शांत रखें और प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं। किसी भी प्रकार का घरेलू उपचार, कट लगाना या जहर चूसने की कोशिश न करें। तुरंत 108 एम्बुलेंस या नजदीकी अस्पताल को सूचना दें और मरीज को जल्द से जल्द योग्य चिकित्सकीय उपचार तक पहुंचाएं। समय पर इलाज ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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