फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर कोहराम: महिंद्रा पिकअप और ट्रॉले की भीषण टक्कर में 1 साल की बच्ची समेत 9 की मौत, 14 घायल,

-ब्यास जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप के उड़े परखच्चे; कई हंसते-खेलते परिवार उजाड़े,
-14 घायल फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर; 5 की हालत अत्यंत नाजुक, ICU में वेंटिलेटर पर,
-ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग के कागजी दावों की खुली पोल; नियमों की धज्जियां उड़ाने का खामियाजा…
फिरोजपुर/ फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): फिरोजपुर-फाजिल्का (FF) मुख्य मार्ग पर आज सुबह एक ऐसा रूह कँपा देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया है। गाँव हुसैन शाह के नजदीक जंगावाला मोड़ के पास एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी और तेज रफ्तार घोड़ा ट्रॉले के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में एक मासूम 1 वर्षीय बच्ची सहित 9 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
अस्थियां विसर्जित करने जा रहे थे श्रद्धालु, सड़क पर बिखरीं लाशें:
चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, जलालाबाद इलाके के रहने वाले ये श्रद्धालु महिंद्रा पिकअप गाड़ी में सवार होकर ब्यास में अस्थियां (फूल) विसर्जित करने जा रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी के ऊपर और पीछे बैठे लोग हवा में उछलकर सीधे ट्राले से जा टकराए। हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर हर तरफ खून और लाशें बिखर गईं। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बमुश्किल घायलों को गाड़ियों से बाहर निकाला।
प्रशासनिक नाकामी: नियमों को ठेंगा, कागजों में सिमटी सुरक्षा:
इस खूनी हादसे ने एक बार फिर सूबे के ट्रांसपोर्ट विभाग और ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
बड़ा सवाल: नियमों के तहत कमर्शियल मालवाहक वाहनों (पिकअप, छोटा हाथी, ट्राला) में सवारियां बैठाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इसके बावजूद ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में दर्जनों लोगों को भेड़-बकरियों की तरह इन गाड़ियों में लादकर हाईवे पर दौड़ाया जाता है, जिसे रोकने में पुलिस पूरी तरह नाकाम रही है।
गौरतलब है कि पिछले साल भी इसी रोड पर गुरुहरसहाय इलाके के 12 मजदूरों की ऐसी ही एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस वक्त प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत आज फिर बेनकाब हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की सूची:
1 करनैल सिंह (निवासी: टाहली वाला)
2 लक्ष्मी बाई पत्नी रेशम (निवासी: जलालाबाद)
3 सीरत कौर (उम्र 1 वर्ष) पुत्री मोहन सिंह (निवासी: जलालाबाद)
4 भागो रानी पत्नी सतनाम सिंह (निवासी: मलकज़ादा)
5 माया बाई पत्नी बलवीर सिंह (निवासी: जलालाबाद)
6 महिंदर सिंह पुत्र फग्गन सिंह (निवासी: जलालाबाद)
7 राज सिंह (निवासी: जलालाबाद)
8 दर्शन सिंह पुत्र गोपाल सिंह
9 विद्या बाई पत्नी मक्खन सिंह (निवासी: ममदोट)
घायलों की हालत नाजुक; डॉक्टरों की टीम मुस्तैद
हादसे के बाद सभी 14 घायलों को नाजुक हालत में फिरोजपुर से फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया। घायलों को मल्टीपल ट्रॉमा (सिर, छाती और हाथ-पैरों में गंभीर फ्रैक्चर) आया है।
“5 मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत ICU में शिफ्ट किया गया है। न्यूरो और जनरल सर्जरी के डॉक्टरों की टीम प्रायोरिटी (प्राथमिकता) के आधार पर इनका इलाज कर रही है। करीब 7 से 8 मरीज ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) विभाग के हैं, जिनकी स्थिति स्थिर होने के बाद सर्जरी की जाएगी। फिलहाल मेडिकल टीम की कड़ी निगरानी में सभी का इलाज जारी है”: डॉ. नीतू, मेडिकल सुपरिटेंडेंट।
फरीदकोट मेडिकल अस्पताल
इलाके में मातम, लोगों में भारी आक्रोश:
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है। जनता ने सरकार और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और डयूटी में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।
न्यूज़: 6-4,
फोटो: घटनास्थल की तस्वीरे।




