तंबाकू 69 तरह के कैंसर का मुख्य कारण, पैसिव स्मोकिंग से परिवारों को बड़ा खतरा: हेल्थ एक्सपर्ट्स


जीजीएसएमसीएच (GGSMCH) फरीदकोट में ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे’ (वर्ल्ड नो तंबाकू-डे) पर सेमिनार; एक हेल्दी समाज बनाने की अपील…
फरीदकोट, 31 मई (अलेक्जेंडर डिसूजा):
गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GGSMCH), फरीदकोट के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे’ (विश्व तंबाकू निषेध दिवस) के मौके पर एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से सेहत पर होने वाले जानलेवा असर के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस जानलेवा लत को छोड़ने के लिए प्रेरित करना था।
यह कार्यक्रम बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के माननीय वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. राजीव सूद, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सेहत और अर्थव्यवस्था पर दोहरा वार:
सेमिनार के दौरान हेल्थ एक्सपर्ट्स और फैकल्टी मेंबर्स ने चिंता जताते हुए कहा कि तंबाकू दुनिया भर में रोके जा सकने वाले कैंसर और लाइफस्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तंबाकू के सेवन से करीब 69 तरह के कैंसर होने का खतरा रहता है।
पैसिव स्मोकिंग: अपनों की जिंदगी से खिलवाड़
विशेषज्ञों ने आगाह किया कि तंबाकू का नुकसान सिर्फ इसका सेवन करने वाले तक ही सीमित नहीं रहता। इसके धुएं के संपर्क में आने वाले (पैसिव स्मोकिंग/सेकंड हैंड स्मोक) परिवार के मासूम बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी उतने ही खतरे में आ जाते हैं। इसके अलावा, तंबाकू की लत परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ भी डालती है। लंबा इलाज, अस्पताल के चक्कर और मानसिक तनाव पूरे समाज को प्रभावित करते हैं।
इन गंभीर बीमारियों का जाल बुनता है तंबाकू:
डॉक्टर्स ने विस्तार से बताया कि तंबाकू के कारण सिर, गर्दन, फेफड़े, मुंह, पेट, पैंक्रियास, किडनी, लिवर और ब्लड कैंसर (खून का कैंसर) हो सकता है। महिलाओं में इसके कारण ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कैंसर के अलावा तंबाकू इन बीमारियों की भी मुख्य वजह है:-
हृदय रोग: हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा।
फेफड़ों की बीमारी: क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD)।
अन्य समस्याएं: हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर), इनफर्टिलिटी (बांझपन) और कम इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी)।
हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए ली शपथ:
इस इंटरैक्टिव सेमिनार में स्टूडेंट्स, हेल्थकेयर वर्कर्स, मरीजों और उनके परिजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से उपस्थित लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के बेहद आसान व प्रैक्टिकल टिप्स दिए गए।
डिपार्टमेंट की ओर से आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा गया कि आइए, मिलकर एक तंबाकू-मुक्त और कैंसर-मुक्त समाज बनाने का संकल्प लें। हमेशा याद रखें कि ‘आज बुझी हुई हर सिगरेट कई आने वाले कल को रोशन कर सकती है।
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