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उमरिया के आदिवासी मोहल्ले में 2 साल से अंधेरा: जला ट्रांसफार्मर बदलने को तरसे ग्रामीण, शिकायतों के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग

admin
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उमरिया के आदिवासी मोहल्ले में 2 साल से अंधेरा: जला ट्रांसफार्मर बदलने को तरसे ग्रामीण, शिकायतों के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग

 

आजादी के 75 साल बाद भी मूलभूत सुविधा से वंचित आदिवासी बस्ती

 

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फैज मोहम्मद | मानपुर, उमरिया

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदरी का आदिवासी मोहल्ला आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां के ग्रामीण बिजली जैसी आवश्यक सुविधा से पूरी तरह वंचित हैं। स्थिति यह है कि मोहल्ले में लगा ट्रांसफार्मर पिछले दो वर्षों से जला पड़ा है और पूरा इलाका अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और उदासीन रवैये के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई बार आवेदन और शिकायतें देने के बावजूद विभाग द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

 

दो वर्षों से खराब पड़ा ट्रांसफार्मर, बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

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जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कुदरी के आदिवासी मोहल्ले में संतोषी जायसवाल के घर के पास लगा ट्रांसफार्मर लगभग दो साल पहले जल गया था। ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद पूरे मोहल्ले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। प्रारंभ में विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे पॉइंट से बिजली आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन वह व्यवस्था भी पिछले एक महीने से पूरी तरह बंद हो चुकी है।

इसके चलते अब पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूब गया है। शाम ढलते ही ग्रामीणों के सामने भारी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली बिल समय पर जमा, फिर भी नहीं सुनवाई

स्थानीय निवासी अम्मू कोल, झू रहा कोल, झूरु कोल, कमलेश कोल, परमू कोल और सूखीलाल विश्वकर्मा ने बताया कि मोहल्ले के सभी उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं। इसके बावजूद विभाग ट्रांसफार्मर बदलने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार भरेवा स्थित बिजली कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को आवेदन सौंपे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। धरातल पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता तो आज पूरे मोहल्ले को अंधेरे में जीवन नहीं बिताना पड़ता।

 

भीषण गर्मी में बढ़ी मुश्किलें

गर्मी के इस मौसम में बिजली नहीं होने से हालात और अधिक खराब हो गए हैं। रात के समय लोगों को उमस और गर्मी के कारण सोने में परेशानी हो रही है। मोबाइल चार्जिंग, पानी की व्यवस्था और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण आदिवासी मोहल्ले के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

 

सहायक अभियंता ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन

इस मामले में जब जिले के सहायक अभियंता आर.के. जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि—

> “आपके माध्यम से मामले की जानकारी मिली है। कुदरी आदिवासी मोहल्ले में जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगवाया जाएगा।”

 

हालांकि अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग का यह आश्वासन कब तक जमीनी हकीकत में बदलता है। फिलहाल आदिवासी मोहल्ले के लोग अंधेरे में रहकर बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।

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