आबकारी विभाग पर संरक्षण के आरोप, मैहर में अवैध शराब तस्करी तेज, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
मैहर।
मां शारदा की धार्मिक नगरी मैहर में अवैध शराब तस्करी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शहर के के जे एस तृप्ति ढाबा के पास सहित विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार संचालित होने के आरोप लगाए गए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार में भाटिया शराब कंपनी से जुड़े मैनेजर संतोष सिंह की संलिप्तता बताई जा रही है। आरोप है कि आबकारी विभाग में हालिया बदलाव के बाद से अवैध कारोबारियों के हौसले और अधिक बढ़ गए हैं, जिससे शहर में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण के चलते यह अवैध धंधा लगातार फल-फूल रहा है। बताया गया कि जब से विजय सिंह ने आबकारी विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, तब से अवैध शराब कारोबारियों की गतिविधियां और अधिक सक्रिय हो गई हैं।
मामले में यह भी कहा जा रहा है कि मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक नगरी की पवित्रता बनाए रखने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इस अवैध कारोबार पर तत्काल कठोर कार्रवाई आवश्यक है।प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
मध्य प्रदेश में अवैध शराब को लेकर कानूनी प्रावधान:
मध्य प्रदेश में शराब की बिक्री, निर्माण और परिवहन बिना आबकारी लाइसेंस के पूरी तरह अवैध है। इस प्रकार की गतिविधियों को मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, शराब और साधनों की जब्ती तथा जेल की सजा का प्रावधान है। कच्ची शराब का निर्माण और अवैध तस्करी पर विशेष रूप से सख्त कार्रवाई की जाती है। आबकारी विभाग और पुलिस को छापेमारी कर कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है।





