“सभी के लिए सुनने का अधिकार”: फरीदकोट मेडिकल कॉलेज बना पंजाब में उम्मीद की नई किरण…

फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): पंजाब सरकार के ‘हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सेवा’ के विजन को हकीकत में बदलते हुए, गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (GGSMCH), फरीदकोट ने कॉक्लियर इंप्लांट के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह द्वारा शुरू की गई “सभी के लिए सुनने का अधिकार” योजना के तहत अब मालवा क्षेत्र के मरीजों को सुनने और बोलने की शक्ति वापस मिल रही है।
इतिहास रचने वाला पहला सरकारी संस्थान:
GGSMCH पंजाब का पहला ऐसा सरकारी संस्थान बन गया है जिसने कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी में महारत हासिल की है। 2014 में शुरू हुआ यह सफर आज एक बड़े मुकाम पर है।
•सफलता का आंकड़ा: अब तक 60 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं।
•उम्र की कोई सीमा नहीं: लाभ लेने वालों में 16 महीने के बच्चे से लेकर 65 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं।
मुफ़्त इलाज और विश्वस्तरीय सुविधाएँ:
यह संस्थान भारत सरकार की ADIP स्कीम के तहत एम्पैनल्ड होने वाला राज्य का पहला संस्थान है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएँ इस प्रकार हैं:-
योजना/ सुविधा/ विवरण:-
मुफ़्त इलाज: RBSK और प्रधानमंत्री रिलीफ फंड के जरिए गरीब मरीजों का निशुल्क उपचार।
नियोनेटल स्क्रीनिंग: नवजात बच्चों में सुनने की समस्या की शुरुआती पहचान।
रिहैबिलिटेशन: आधुनिक ऑडिटरी वर्बल थेरेस्पीच थेरेपी सेंटर।
विशेषज्ञों का नज़रिया:
“हमारा कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोग्राम सरकारी सहयोग और संस्थान की प्रतिबद्धता का बेहतरीन उदाहरण है। हम जल्द ही अन्य संस्थानों में भी ऐसे सेंटर खोलने की योजना बना रहे हैं”: प्रो. (डॉ.) राजीव सूद, वाइस चांसलर, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट।
मुख्य सर्जन डॉ. सुमित प्रिंजा (ENT हेड) ने बताया कि यह सर्जरी न केवल जटिल है, बल्कि जीवन बदलने वाली है। उनका मुख्य फोकस बीमारी की जल्द पहचान (Early Detection) पर है। वहीं, नोडल ऑफिसर सतीश कुमार ने कहा कि सर्जरी के बाद दी जाने वाली स्पीच थेरेपी ही मरीज को समाज की मुख्यधारा से जोड़ती है।
प्रशासनिक नेतृत्व:
डॉ. नीतू कुक्कड़ के कुशल नेतृत्व में यह प्रोग्राम सुचारू रूप से चल रहा है, जिससे GGSMCH आज पंजाब में ‘सुनने की अक्षमता’ को ‘क्षमता’ में बदलने का एक प्रतीक बन चुका है।
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