‘हमारे सीनियर सिटिज़न्स हमारी शान हैं’: 
फरीदकोट में डिजिटल और फाइनेंशियल अवेयरनेस कैंप आयोजित
बुजुर्गों को सिखाए गए साइबर फ्रॉड से बचने के गुर; सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
फरीदकोट 30 मार्च (अलेक्जेंडर डिसूज़ा):
पंजाब के सोशल सिक्योरिटी और महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत आज फरीदकोट की बलबीर बस्ती स्थित रविदास धर्मशाला में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर श्रीमती रतनदीप संधू की विशेष पहल पर ‘हमारे सीनियर सिटिज़न्स हमारी शान हैं’ कैंपेन के जरिए बुजुर्गों को आधुनिक डिजिटल प्रणाली से जोड़ने का प्रयास किया गया।
डिजिटल बैंकिंग और सुरक्षा पर जोर:
कैंप में लीड बैंक फरीदकोट के विशेषज्ञ अधिकारियों ने शिरकत की। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को आज के दौर की अनिवार्य बैंकिंग सुविधाओं के बारे में विस्तार से समझाया:
मोबाइल बैंकिंग और UPI: घर बैठे ट्रांजैक्शन करने के तरीके।
ATM सुरक्षा: मशीन का सुरक्षित उपयोग और पिन की गोपनीयता।
साइबर फ्रॉड से बचाव: ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया न देने की सलाह।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील:
वित्तीय साक्षरता के साथ-साथ अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहीं:
1. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं जीवन ज्योति बीमा योजना।
2. अटल पेंशन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना।
3. पंजाब सरकार की ‘माता तृप्ता महिला सम्मान’ (मान-धत्ता सत्कार) योजना।
“बुजुर्ग हमारे समाज की कीमती पूंजी हैं। बदलते समय के साथ उन्हें नई तकनीक से जोड़ना अनिवार्य है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और बिना किसी डर के डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें। विभाग भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियान जारी रखेगा”: श्रीमती रतनदीप संधू, जिला सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर।
लाभार्थियों में दिखा उत्साह
कैंप में आए बुजुर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी जानकारी के अभाव में वे अक्सर डिजिटल लेन-देन से डरते थे, लेकिन अब विशेषज्ञों की सलाह के बाद उनमें आत्मविश्वास जागा है।
न्यूज़: 30-1
फोटो कैप्शन: रविदास धर्मशाला में सीनियर सिटिज़न्स को डिजिटल बैंकिंग की जानकारी देते बैंक अधिकारी और जिला सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर श्रीमती रतनदीप संधू।


