मुरैना में महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती पर भव्य चल समारोह, सामाजिक एकता और जागरूकता का दिया संदेश
मुरैना।
महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के पावन अवसर पर 11 अप्रैल 2026 को मुरैना शहर में एक ऐतिहासिक और भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे शहर में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर इस विशाल जुलूस का स्वागत किया।
चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकाला गया, जिसमें ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। झांकियों के माध्यम से महात्मा ज्योतिराव फुले के जीवन, उनके सामाजिक योगदान, शिक्षा के प्रति उनके संघर्ष और समाज सुधार की दिशा में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। यह झांकियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं और लोगों ने इन्हें बड़ी रुचि से देखा।
इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में भारत सिंह कुशवाहा, अजब सिंह कुशवाहा, सोनेराम कुशवाहा, विक्की कुशवाहा एवं शारदा सोलंकी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। साथ ही कुशवाहा महासभा अंबाह ब्लॉक अध्यक्ष हरभजन कुशवाहा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महात्मा ज्योतिराव फुले के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके सामाजिक सुधारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, भेदभाव और असमानता के खिलाफ संघर्ष करते हुए शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
अतिथियों ने अपने संबोधन में समाज के लोगों से फुले के आदर्शों को अपनाने और शिक्षा, समानता तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज को आगे बढ़ाना है तो महात्मा फुले के दिखाए मार्ग पर चलना ही सबसे उचित उपाय है।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी और आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
यह भव्य चल समारोह न केवल महात्मा ज्योतिराव फुले को श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम बना, बल्कि यह सामाजिक एकता, जागरूकता और संगठन शक्ति का एक मजबूत संदेश भी देकर गया। मुरैना शहर में आयोजित यह कार्यक्रम लंबे समय तक लोगों के मन में अपनी छाप छोड़ने वाला साबित हुआ।


