शहडोल में बाल विवाह रोकने हेतु कंट्रोल रूम स्थापित, 24 घंटे ड्यूटी और कड़े कानून की जानकारी
शहडोल, 7 अप्रैल 2026:
जिले में बाल विवाह की घटनाओं को रोकने और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने वन स्टॉप सेंटर शहडोल में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा और जिले में किसी भी बाल विवाह की तैयारी या जानकारी पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
कलेक्टर ने बताया कि कंट्रोल रूम में कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई गई है। प्रातः 6 बजे से 2 बजे तक सपना पाण्डेय (काउंसलर) एवं जयंती बाई (मल्टी परपज) ड्यूटी पर रहेंगी। दोपहर 2 बजे से 10 बजे तक पप्पी प्रजापति (केस वर्कर) एवं मोला बाई (मल्टी परपज) जिम्मेदार होंगी। रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक कुंदन विश्वकर्मा (कंप्यूटर ऑपरेटर) और राजकिशोर तिवारी (सुरक्षा कर्मी) ड्यूटी करेंगे। बाल विवाह की सूचना देने के लिए लोग मोबाइल नंबर 8319697804 या टोल-फ्री नंबर 181 एवं 1098 पर संपर्क कर सकते हैं।
बाल विवाह को रोकने के लिए भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 (Prohibition of Child Marriage Act, 2006) लागू है। इस कानून के अनुसार लड़की की न्यूनतम विवाह योग्य आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष है। कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाए, आयोजित करे या इसमें मदद करे, वह अपराधी माना जाएगा। बाल विवाह कराने पर 6 महीने तक की जेल या ₹1 लाख तक का जुर्माना, या दोनों लगाया जा सकता है। इसके अलावा, बच्चों को कानूनी रूप से विवाह रद्द करने का अधिकार और संरक्षण की सुविधा भी दी जाती है।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी बाल विवाह की तैयारी या जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें, ताकि प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर सके और बच्चों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कदम शहडोल जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।


