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श्रमिक की मौत से सुलगा अडानी पावर प्लांट, मजदूरों का विरोध और तोड़फोड़

admin
3 Min Read
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“अडानी पावर प्लांट में श्रमिक की मौत पर सन्नाटा या सच्चाई पर पर्दा? सवाल पूछने पर जवाब—‘कुछ नहीं हुआ’!”

मौत के बाद भड़के मजदूर, प्लांट में हंगामा और तोड़फोड़

भारी पुलिस बल की तैनाती, कंपनी कैंटीन में चलता रहा भोजन

जनता का सवाल – इंसान की जान बड़ी या कंपनी का इमेज मैनेजमेंट?

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सिंगरौली ब्यूरो सूरज सिंह।

 

सिंगरौली जिले के बंधौरा स्थित अडानी पावर प्लांट में एक श्रमिक की संदिग्ध मौत के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया है। एक तरफ मजदूरों में आक्रोश है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी प्रबंधन की चुप्पी और कुछ कर्मचारियों के बयान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जा रहा है कि बंधौरा स्थित अडानी पावर प्लांट में काम कर रहे एक श्रमिक की अचानक मौत हो गई। जैसे ही यह खबर फैली, प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया। आक्रोशित मजदूरों ने घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई जगहों पर हंगामा हुआ, कुछ वाहनों को पलट दिया गया और श्रमिक सड़कों पर उतर आए। मजदूरों का आरोप है कि श्रमिक की मौत के बाद भी कंपनी प्रबंधन घटना को दबाने की कोशिश कर रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब कुछ कर्मचारियों से घटना के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था— “कुछ भी नहीं हुआ है।”

यही नहीं, घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल को प्लांट परिसर में तैनात किया गया, लेकिन उसी दौरान कंपनी कैंटीन में भोजन की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई।

 

अब इस पूरे मामले को लेकर सिंगरौली में कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं
आखिर श्रमिक की मौत कैसे हुई?
प्लांट में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
घटना के बाद सच्चाई सामने लाने के बजाय चुप्पी क्यों?
और जब सब कुछ सामान्य है तो फिर इतनी भारी पुलिस तैनाती क्यों?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह एक मजदूर की मौत हुई हो, वहां सबसे पहले संवेदना और पारदर्शिता दिखनी चाहिए। लेकिन यहां तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है।

मजदूरों में बढ़ रहा आक्रोश:
घटना के बाद मजदूरों में गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। मजदूरों का कहना है कि अगर किसी श्रमिक की मौत को “कुछ नहीं हुआ” कहकर टालने की कोशिश की जाएगी तो इसका विरोध और तेज होगा।याद रखने वाली बात यह है कि मजदूर ही किसी भी उद्योग की असली रीढ़ होते हैं।अगर उसी मजदूर की जान की कीमत शून्य समझी जाएगी तो सवाल भी उठेंगे और आक्रोश भी बढ़ेगा।अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में सच सामने आता है या फिर यह घटना भी कई सवालों के साथ फाइलों में दब कर रह जाती है।

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