कानपुर: साली ने 7 साल बाद कोर्ट में बदला बयान, एयरफोर्स कर्मी बरी
कानपुर, 10 मार्च 2026: कानपुर में नाबालिग साली के कथित छेड़छाड़ मामले में एयरफोर्स कर्मी को 7 साल बाद विशेष न्यायाधीश ने बरी कर दिया। घटना 8 मार्च 2019 की रात की है, जब साली ने आरोप लगाया था कि उसके जीजा ने सोते समय उसके साथ छेड़छाड़ की और उसे दबोच लिया। उस रात उसकी बड़ी बहन कमरे में आई और पुलिस को सूचना दी।

पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि उस रात उसने दवा खाकर सो रही थी और सपना देखा कि जीजा ने उसे पकड़ लिया। वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं हुआ। साली ने स्वीकार किया कि उसे भ्रम हुआ और उसके पिता ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पहले बयान के चलते एयरफोर्स कर्मी को 19 दिन जेल में रहना पड़ा।
अदालत ने पाया कि साली के पहले और बाद के बयानों में विरोधाभास है और कोई ठोस साक्ष्य नहीं था। इसके बाद आरोपी को बरी कर दिया गया। एयरफोर्स कर्मी की शादी 10 फरवरी 2019 को हुई थी और वह चौथी में अपनी पत्नी को लेने ससुराल गए थे, साली भी साथ थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोर्ट में बयान बदलना संभव है यदि पहले बयान में गलती या भ्रम हो। इस मामले में सपने और वास्तविकता के बीच अंतर के कारण झूठा आरोप साबित हुआ।
यह घटना बच्चों के बयान और कानूनी प्रक्रियाओं में सावधानी की आवश्यकता को उजागर करती है।




