सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की अनुमति मिलने के बाद सामने आई एक तस्वीर ने हर किसी को भावुक कर दिया.
तस्वीर में मां निर्मला राणा अपने बेटे हरीश राणा के सिरहाने बैठी हुई दिखाई दे रही हैं. आंखों में आंसू, चेहरे पर दर्द और हाथों में बेटे के सिर को सहलाती ममता जैसे वह खामोशी से अपने लल्ला से कह रही हों, “जा बेटा, अब तू सुकून से सो जा.”

13 साल से बेटे को इसी हालत में देख रही मां के लिए यह फैसला जितना बड़ा है, उतना ही पीड़ादायक भी. एक तरफ मां का दिल है, जो बेटे को अपने पास रखना चाहता है, तो दूसरी तरफ उसकी तकलीफ है, जिसे देखकर मां हर दिन टूटती रही. यही द्वंद्व मां निर्मला राणा और पिता अशोक राणा के चेहरे पर साफ नजर आ रहा है. रह-रहकर बात करते हुए उनकी आंखों से बरबस आंसू की धारा बहने लगती है और गला रुंधने लगता है.


