Ad imageAd image
d84ef9efc3d53b57ca3a957694261ad58b2c2b9e

श्रमिक महिलाओं को अब सुरक्षित मातृत्व जानिए कैसे ?

admin
3 Min Read
इस खबर को शेयर करें

खुशखबरी: श्रमिक महिलाओं को अब सुरक्षित मातृत्व के लिए मिलेंगे पूरे ₹16,000, बजट में करोड़ों का प्रावधान

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र की महिला श्रमिकों को सशक्त बनाने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना’ के तहत अब बिना किसी बाधा के गर्भवती महिलाओं के खाते में 16,000 रुपये की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जा रही है।

वित्त विभाग द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के वास्ते ₹720 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे लाखों श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

- Advertisement -
Ad imageAd image

 

कब और कैसे मिलते हैं ये ₹16,000?

यह राशि एकमुश्त नहीं, बल्कि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो किश्तों में दी जाती है:

1. पहली किश्त (₹4,000): गर्भावस्था के दौरान अंतिम तिमाही तक 4 प्रसव पूर्व जाँच (ANC Checkups) कराने पर। यह राशि गर्भवती महिला के स्वास्थ्य और पोषण के लिए दी जाती है।

2. दूसरी किश्त (₹12,000): शासकीय अस्पताल में सुरक्षित प्रसव (Institutional Delivery) होने, नवजात का पंजीयन कराने और शिशु को बीसीजी, ओपीवी और हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाने के बाद दी जाती है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

 

कौन ले सकता है लाभ? (पात्रता शर्तें)

योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करती हैं:

* महिला के पास संबल कार्ड (असंगठित श्रमिक पंजीयन) होना अनिवार्य है।

* महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

* प्रसव शासकीय चिकित्सालय (Government Hospital) में ही होना चाहिए।

* यह लाभ अधिकतम दो जीवित बच्चों के जन्म तक ही मान्य है।

 

आवेदन की प्रक्रिया हुई आसान:

हितग्राहियों को अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के ‘अनमोल’ (ANMOL) पोर्टल पर दर्ज जानकारी के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

* गर्भवती महिला को अपने क्षेत्र की ए.एन.एम. (ANM. ) या आशा कार्यकर्ता के पास अपना संबल कार्ड, आधार कार्ड और बैंक पासबुक के साथ पंजीयन कराना होता है।

* अधिकारियों के अनुसार, अब भुगतान में देरी को कम करने के लिए सिस्टम को और भी पारदर्शी बनाया गया है।

 

विशेषज्ञों की राय:

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह राशि न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक संबल देती है, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि श्रमिक महिलाएं मजदूरी के नुकसान (Wage Loss) की चिंता किए बिना गर्भावस्था के दौरान आराम कर सकें और अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख सकें।

 

अधिक जानकारी के लिए:

श्रमिक परिवार अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, ग्राम पंचायत या संबल पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।

Share This Article
Leave a Comment