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इंटरनेशनल वर्कर्स डे: फरीदकोट में गूंजा कर्मचारियों और पेंशनर्स का हल्ला बोल, -सरकार के खिलाफ निकाला विशाल मोटरसाइकिल मार्च…

Alexander D’Souza
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इंटरनेशनल वर्कर्स डे: फरीदकोट में गूंजा कर्मचारियों और पेंशनर्स का हल्ला बोल,
-सरकार के खिलाफ निकाला विशाल मोटरसाइकिल मार्च… 

फरीदकोट 1 मई (अलेक्जेंडर डिसूजा): आज अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस (मई दिवस) के अवसर पर फरीदकोट की सड़कों पर कर्मचारियों और पेंशनर्स का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा (जिला फरीदकोट) के बैनर तले आयोजित इस विशाल रैली और विरोध प्रदर्शन ने शहर की रफ्तार को थाम दिया। शिकागो के शहीदों को नमन करने के साथ शुरू हुआ यह प्रदर्शन सरकार की ‘कॉर्पोरेट-समर्थक’ नीतियों के खिलाफ एक बड़ी ललकार बनकर उभरा।
शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि और सरकार पर निशाना:
स्थानीय दरबार गंज रेस्ट हाउस में आयोजित रैली के दौरान कर्मचारी नेताओं-जतिंदर कुमार, प्रेम चावला, प्रिंसिपल कृष्ण लाल और चांद सिंह डोड-ने शिकागो के संघर्ष को याद करते हुए वर्तमान सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
“आज की सरकारें कॉर्पोरेट घरानों की कठपुतली बन चुकी हैं। जिस मज़दूर वर्ग ने लड़कर 8 घंटे काम का अधिकार हासिल किया था, सरकारें अब उन घंटों को फिर से बढ़ाने की साजिश रच रही हैं। यह ऐतिहासिक उपलब्धियों पर सीधा हमला है”: नेताओं का साझा बयान।
शहर के बाजारों में शक्ति प्रदर्शन-जाम हुआ ट्रैफिक:
रैली के पश्चात कर्मचारियों ने अपनी एकता का प्रदर्शन करने के लिए शहर में एक बड़ा स्कूटर और मोटरसाइकिल मार्च निकाला।
रूट: दरबार गंज से शुरू होकर यह मार्च भाई घनैया चौक, ठंडी सड़क, हुकी वाला चौक और जुबली सिनेमा चौक से गुजरा।
चक्का जाम: जब यह मार्च बस स्टैंड के सामने पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर धरना देकर ट्रैफिक जाम कर दिया। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रमुख मांगें-जिन पर अड़ा संयुक्त मोर्चा:
नेताओं ने पंजाब सरकार के सामने अपनी मांगों का चार्टर रखा और चेतावनी दी कि यदि इन्हें जल्द पूरा नहीं किया गया, तो संघर्ष और तेज होगा।
डीए की किश्तें: कर्मचारियों और पेंशनरों की 18% की दर से लंबित 6 किश्तें तत्काल जारी की जाएं।
कोर्ट का फैसला: माननीय हाई कोर्ट के 8 अप्रैल 2026 के फैसले को बिना किसी देरी के पूरी तरह लागू किया जाए।
OPS की बहाली: पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को तुरंत बहाल कर कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित किया जाए।
नियमितीकरण: कच्चे कर्मचारियों, आशा वर्करों, मिड-डे मील और आंगनवाड़ी वर्करों को बिना शर्त रेगुलर किया जाए।
प्रमुख उपस्थिति:
इस विशाल रोष प्रदर्शन में हरप्रीत सिंह, इंदरजीत सिंह खीवा, सुखविंदर सिंह सुखी, नवप्रीत सिंह, सिमरजीत सिंह बराड़, कुलवंत सिंह चानी, लखविंदर कौर (मिड-डे मील लीडर), अमरजीत कौर रण सिंह वाला, सरबजीत कौर मचाकी, वीर इंदरजीत सिंह पुरी और कुल हिंद किसान सभा के जिला अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह तुम्बरभान सहित भारी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारी शामिल हुए।
न्यूज़: 1-3,
फोटो:

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