उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर…
उत्तर प्रदेश पुलिस की डीएसपी Soumya Asthana का एक सख्त बयान चर्चा में है।
डीएसपी ने कथित तौर पर कहा है कि—
Journalist Aarti parihar

“मेरे किसी भी थाने के अंदर अगर कोई पत्रकार वीडियोग्राफी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”
इस बयान के सामने आते ही सियासी और मीडिया गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
आलोचकों का कहना है कि यह फैसला प्रेस की आज़ादी पर सीधा प्रहार है। उनका तर्क है कि लोकतंत्र में मीडिया को रिपोर्टिंग और सवाल पूछने का अधिकार है, और इस तरह का आदेश पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
वहीं, समर्थकों का कहना है कि थाने संवेदनशील स्थान होते हैं, जहां कई मामलों में गोपनीयता और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। उनके मुताबिक बिना अनुमति वीडियोग्राफी से जांच प्रभावित हो सकती है।
अब सवाल यह है कि क्या यह आदेश कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम है,
या फिर प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश?
फिलहाल, इस बयान को लेकर बहस तेज है और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।


