Ad imageAd image
d84ef9efc3d53b57ca3a957694261ad58b2c2b9e

ब्यौहारीआखेटपुर में महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन, सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

NEWS DESK
4 Min Read
इस खबर को शेयर करें

आखेटपुर में महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन, सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

महिलाओं ने कीचड़ में रोपा धान, बोलीं—अब आश्वासन नहीं, रोड चाहिए

आखेटपुर डाला टोला में अनोखा विरोध प्रदर्शन, सड़क पर पानी-कीचड़ के बीच महिलाओं ने लगाए धान के पौधे

*विनय द्विवेदी ब्यौहारी।* रक्षाबंधन के पर्व पर जहां बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर खुशियां मना रही थीं, वहीं शहडोल जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत आखेटपुर डाला टोला में महिलाओं ने बदहाल सड़क के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कीचड़ से लथपथ सड़क पर धान का रोपा लगाकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को यह संदेश देने की कोशिश की कि सड़क की हालत अब आवागमन के लायक नहीं, बल्कि धान की खेती करने लायक हो गई है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

महिलाओं ने स्थानीय लोकगीत गाते हुए सड़क पर धान रोपा और प्रशासन से स्पष्ट शब्दों में सड़क निर्माण की मांग की। उनका कहना था कि अब आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि धरातल पर सड़क चाहिए।

*400 घरों के ग्रामीण परेशान*

आखेटपुर डाला टोला के वार्ड नंबर-1 की इस सड़क से करीब 400 घरों के लोग आवागमन करते हैं। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। पैदल चलना मुश्किल होने के साथ-साथ दोपहिया वाहन और अन्य साधनों से निकलना भी जोखिम भरा हो जाता है।

*ग्रामीणों का कहना* है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह पानी भरा रहता है और सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो जाती है। इसी परेशानी को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए महिलाओं ने सड़क पर ही धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया।

*बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर*

- Advertisement -
Ad imageAd image

ग्रामीणों के अनुसार बदहाल सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी के कारण कई बार बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के मामले में कभी इसे वन विभाग की जमीन से जुड़ा मामला बताया जाता है तो कभी राजस्व भूमि का हवाला देकर निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाती।

*विभागों की खींचतान में ग्रामीण क्यों भुगतें*

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन वन विभाग की है या राजस्व विभाग की, इसका निर्धारण करना प्रशासन का काम है। लेकिन विभागीय पेंच और आपसी खींचतान का खामियाजा आखिर ग्रामीण क्यों भुगतें?

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जमीन और सड़क की स्थिति का निरीक्षण करे तथा जल्द से जल्द सड़क निर्माण की ठोस पहल की जाए।

प्रशासनिक शिविर से एक दिन पहले प्रदर्शन

खास बात यह है कि शनिवार को आखेटपुर में प्रशासनिक शिविर आयोजित होना है। शिविर से ठीक एक दिन पहले महिलाओं द्वारा सड़क पर धान रोपकर किया गया यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासनिक शिविर में उनकी सड़क की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और उन्हें केवल आश्वासन के बजाय सड़क निर्माण की ठोस कार्रवाई का भरोसा मिलेगा।

महिलाओं का कहना है कि “जब हमारी सड़क पर धान उगाया जा सकता है तो यहां सड़क क्यों नहीं बनाई जा सकती? अब हमें सिर्फ आश्वासन नहीं, चलने लायक पक्की सड़क चाहिए।”

Share This Article
Leave a Comment