खाद खरीदने के प्रोसेस को ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए बड़ा कदम: फरीदकोट जिले को ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर चुना गया,
-किसान अब पोर्टल के ज़रिए खाद खरीद सकेंगे, डिपार्टमेंट ने किसान ID बनाने के लिए खास कैंपेन शुरू किया है…

फरीदकोट, 11 जून (अलेक्जेंडर डिसूजा): फरीदकोट जिले में किसानों को खाद की सप्लाई आसानी से और बिना रुकावट हो, इसके लिए भारत सरकार ने एक अहम पहल की है। सरकार ने ‘फर्टिलाइजर सप्लाई एप्लीकेशन सिस्टम’ (FSAS) के तहत फरीदकोट जिले को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। इस नए प्रोजेक्ट के तहत अब किसान सीधे पोर्टल के ज़रिए अपनी डिमांड रजिस्टर करके खाद खरीद सकेंगे।
‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ पोर्टल होगा लॉन्च:
इस बारे में डिटेल में जानकारी देते हुए चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर डॉ. कुलवंत सिंह ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से जल्द ही “फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल” नाम का एक नया पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद खाद खरीदने और बेचने के प्रोसेस को और ट्रांसपेरेंट और आसान बनाना है। किसानों और खाद बेचने वालों को इस नए सिस्टम के बारे में जागरूक करने के लिए एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ से लगातार ट्रेनिंग और वर्कशॉप की जा रही हैं।
टोकन सिस्टम से मिलेगी खाद
इसी कड़ी में कोटकपूरा और जैतो ब्लॉक के खाद डीलरों के लिए एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप के दौरान ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर कोटकपूरा डॉ. गुरप्रीत सिंह ने नए नियमों के बारे में बताते हुए कहा कि किसानों को खाद लेने के लिए सबसे पहले पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा।
अप्लाई सफल होने के बाद किसान को एक खास टोकन जारी किया जाएगा।
यह टोकन दो दिन के लिए वैलिड होगा, जिसके आधार पर किसान संबंधित डीलर या कोऑपरेटिव सोसाइटी से खाद ले सकेंगे।
खाद खरीदने के लिए ‘फार्मर ID’ ज़रूरी:
डॉ. कुलवंत सिंह ने साफ किया कि पोर्टल पर अप्लाई करने के लिए हर किसान के पास ‘फार्मर ID’ होना बहुत ज़रूरी है। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट गांवों में खास कैंप लगाकर ये ID बना रहा है। इसके अलावा किसान खुद भी कोऑपरेटिव सोसाइटी या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ज़रिए अपनी फार्मर ID बनवा सकते हैं। उन्होंने खाद बेचने वालों से भी अपील की कि वे अपने साथ जुड़े किसानों को किसान ID बनवाने के लिए मोटिवेट करें।
“जिले में खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी
वर्कशॉप में पहुंचे चीफ इंस्पेक्टर फर्टिलाइजर पंजाब डॉ. गिरजेश भार्गव ने सभी खाद बेचने वालों को भरोसा दिलाया कि फरीदकोट जिले में खाद की सप्लाई में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। अगर इस नए सिस्टम को लागू करने के दौरान कोई टेक्निकल दिक्कत आती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
वर्कशॉप में ये लोग मौजूद थे:
इस खास मौके पर नोडल ऑफिसर डॉ. रणबीर सिंह, असिस्टेंट शुगरकेन डेवलपमेंट ऑफिसर फरीदकोट डॉ. गुरमघर सिंह, एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ऑफिसर (डिस्ट्रिक्ट वर्क कोटकपूरा) डॉ. प्रिंसदीप सिंह और एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ऑफिसर (P.P. कोटकपूरा) के साथ बड़ी संख्या में कोटकपूरा और जैतो मंडी से खाद बेचने वाले और गणमान्य लोग मौजूद थे।
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