भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) ने गांव डोर में बनाई नई यूनिट; प्रकाश सिंह वाइस प्रेसिडेंट और बलविंदर सिंह सेक्रेटरी नियुक्त

-“बैंकों द्वारा किसानों के साथ की गई धोखाधड़ी के खिलाफ किया जाएगा कड़ा संघर्ष”: नायब सिंह शेर सिंह वाला
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) ने संगठन का दायरा बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग से गांव डोर (डोड) में नई यूनिट का गठन किया है। इस संबंध में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान सर्वसम्मति से सरदार प्रकाश सिंह को वाइस प्रेसिडेंट और सरदार बलविंदर सिंह को यूनिट का सेक्रेटरी चुना गया।
इसके अलावा, गांव के प्रमुख नागरिकों और युवाओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें गुरसेवक सिंह, सरवन सिंह, बलकरण सिंह, जसप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह, लखविंदर सिंह, बलजीत सिंह और बलविंदर सिंह शामिल हैं, जो यूनियन के विभिन्न पदों पर रहकर किसानों के हक की आवाज बुलंद करेंगे।
इस मौके पर गांव के सभी किसानों ने नई कार्यकारिणी पर पूरा भरोसा जताया और ब्लॉक प्रेसिडेंट नायब सिंह शेर सिंह वाला को विश्वास दिलाया कि वे संगठन के हर फैसले और संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे।
ब्लॉक कमेटी का भी हुआ विस्तार:
यूनियन को और मजबूती देने के लिए ब्लॉक कमेटी का भी विस्तार किया गया है। ब्लॉक प्रेसिडेंट नायब सिंह ने बताया कि सरदार गुज्जर सिंह कौनी और सुखजिंदर सिंह कौनी को ब्लॉक टीम में शामिल किया गया है। ये नवनियुक्त नेता ब्लॉक के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और संगठन की आवाज को हर गांव और किसान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
बैंक घोटालों के खिलाफ खोला मोर्चा, दी चेतावनी:
बैठक को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रेसिडेंट नायब सिंह ने किसानों को आने वाली चुनौतियों और समस्याओं के प्रति सचेत रहने की अपील की। उन्होंने हाल ही में सामने आए दो बड़े बैंक घोटालों का विशेष रूप से जिक्र किया:
SBI बैंक में धोखाधड़ी: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक कर्मचारी अमित ढिगरा द्वारा किसानों और अन्य ग्राहकों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
पैड बैंक फरीदकोट घोटाला: पैड बैंक फरीदकोट ने किसानों के पिछले लोन की रकम में भारी हेराफेरी की है। किसानों द्वारा पहले से चुकाए जा चुके लोन को दोबारा चालू करके उनके साथ बड़ा धोखा किया गया है।
रजिस्ट्रार ने दिया जांच का भरोसा; कार्रवाई न होने पर तीखे संघर्ष की चेतावनी:
ब्लॉक प्रेसिडेंट ने जानकारी दी कि बैंकों की इस मनमानी और तानाशाही के खिलाफ 1 जून 2026 को एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान डीबी बैंक के रजिस्ट्रार के साथ एक अहम बैठक हुई।
रजिस्ट्रार का आश्वासन: बैठक में रजिस्ट्रार ने किसानों को पूरा भरोसा दिया है कि इस धोखाधड़ी की निष्पक्ष जांच के लिए बैंक प्रशासन द्वारा एक स्पेशल जांच टीम (SIT) का गठन किया जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
यूनियन का अल्टीमेटम:
यूनियन नेताओं ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि अगर तय समय के भीतर किसानों को इंसाफ नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और अधिक तेज व उग्र किया जाएगा।
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