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अनूपपुर में थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर तनाव चरम पर, 25 मई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

admin
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अनूपपुर में थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर तनाव चरम पर, 25 मई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

 

अनूपपुर (मध्यप्रदेश)।

अनूपपुर के कोतमा क्षेत्र स्थित अनूपपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (छतई) को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को कई बार कंपनी प्रबंधन के समक्ष रखा, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का समाधान नहीं किया गया, जिससे उनका आक्रोश लगातार बढ़ता गया है। इसी असंतोष के चलते ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि 24 मई 2026 तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे 25 मई 2026 से अनिश्चितकालीन ‘काम बंद और धरना प्रदर्शन’ शुरू करेंगे।

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ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह मजबूरी का परिणाम है क्योंकि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका स्पष्ट कहना है कि अब वे किसी आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि ठोस समाधान की मांग पर अड़े रहेंगे और इसके लिए परियोजना का कार्य पूरी तरह बाधित करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और प्रशासन पर स्थिति को संभालने का दबाव बढ़ गया है।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने हस्तक्षेप करते हुए अनूपपुर कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 22 मई 2026 को जारी पत्र क्रमांक B-141 में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में 24 मई 2026 तक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

 

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राज्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है, जिसमें पुलिस अधीक्षक अनूपपुर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोतमा, थाना प्रभारी बिजुरी तथा परियोजना प्रबंधन शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर अब त्वरित बैठकों और संवाद की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है ताकि किसी भी प्रकार के बड़े आंदोलन को टाला जा सके।

 

फिलहाल पूरा मामला 24 मई की समयसीमा पर टिक गया है, जहां प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर स्थिति को शांत रखना है। यदि समयसीमा के भीतर समाधान नहीं निकलता है, तो 25 मई से शुरू होने वाला अनिश्चितकालीन धरना अनूपपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की नई चुनौती उत्पन्न हो सकती है।

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