मगनरेगा कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: बीडीपीओ को मांग पत्र सौंपा; मांगें न मानी तो 20 अप्रैल को मोहाली में होगा ‘महा-धरना’…

फरीदकोट/ कोटकपूरा (अलेक्जेंडर डिसूजा): मगनरेगा कर्मचारी यूनियन (पंजाब) जिला फरीदकोट ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष रूपिंदर सिंह के नेतृत्व में आज कर्मचारियों ने बीडीपीओ कोटकपूरा को एक मांग पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चंडीगढ़ में पैनल मीटिंग के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे तीखा संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
प्रमुख मांगें-विभाग में विलय और स्थायित्व:
कर्मचारियों ने अपनी मांगों को तर्कसंगत बताते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए:-पारदर्शी भर्ती का हवाला:
नेताओं ने कहा कि 2008 में उनकी भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और नियमित मापदंडों के अनुसार हुई थी। इसके बावजूद, 18 साल बीत जाने के बाद भी लगभग 2100 कर्मचारी बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं।
दूसरे राज्यों की तर्ज पर मर्जर: हिमाचल, राजस्थान, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने नरेगा कर्मचारियों को पंचायत विभाग में मर्ज कर दिया है। कर्मचारियों का सवाल है कि यदि पंजाब सरकार एसएसए और एनएचएम जैसी स्कीमों के कर्मियों को रेगुलर कर सकती है, तो नरेगा के साथ भेदभाव क्यों?
रिक्त पदों पर नियुक्ति: यूनियन का कहना है कि पंचायत डेवलपमेंट सेक्रेटरी के खाली पदों पर इन अनुभवी कर्मचारियों को मर्ज करने से खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
“कम वेतन और मानसिक तनाव के कारण अब तक हमारे करीब 50 साथियों की मौत हो चुकी है। सरकार की बेरुखी अब बर्दाश्त से बाहर है”: यूनियन नेता।
20 अप्रैल को मोहाली घेराव का ऐलान:
यूनियन ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही पैनल मीटिंग का समय नहीं दिया, तो 20 अप्रैल 2026 को पंजाब के कोने- कोने से कर्मचारी जुटेंगे और मोहाली हेडक्वार्टर पर राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मौके पर मौजूद स्टाफ:
इस प्रदर्शन के दौरान गगनप्रीत सिंह (एपीओ), बलराज सिंह, लखवीर सिंह, रूपिंदर सिंह, मोहित नारंग, विशेष और कोटकपूरा ब्लॉक का समस्त मगनरेगा स्टाफ उपस्थित रहा।
न्यूज़: 18-4,
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