पंजाब सरकार की बड़ी पहल: फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में ‘मेथाडोन क्लिनिक’ की शुरुआत; मरीजों को मिलेगी मुफ्त दवा…

फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): पंजाब को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के मार्गदर्शन में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के अंतर्गत आने वाले गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में नशे की लत से जूझ रहे लोगों के वैज्ञानिक इलाज के लिए ‘मेथाडोन क्लिनिक’ शुरू किया गया है। पंजाब सरकार द्वारा इस क्लिनिक में जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां बिल्कुल मुफ्त दी जाएंगी।
‘ड्रग-फ्री पंजाब’ के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रतिबद्ध: वाइस चांसलर
इस महत्वपूर्ण शुरुआत के बारे में जानकारी देते हुए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) राजीव सूद ने कहा कि यूनिवर्सिटी और इसके सभी संस्थान पंजाब सरकार के ‘ड्रग-फ्री पंजाब’ के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। मेथाडोन क्लिनिक की शुरुआत ड्रग्स के दलदल में फंसे मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस वैज्ञानिक और असरदार इलाज से मरीज ड्रग्स की लत से छुटकारा पा सकेंगे और समाज में फिर से एक सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। डॉ. सूद ने जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों से बिना किसी झिझक के इस मुफ्त सरकारी सुविधा का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की अपील की है।
एक्सपर्ट डॉक्टरों की देखरेख में होगा इलाज:
मरीजों को बेहतरीन काउंसलिंग और सटीक मेडिकल सहायता देने के लिए इस विशेष क्लिनिक को माहिर डॉक्टरों की देखरेख में चलाया जा रहा है।
इस टीम में शामिल हैं:
डॉ. पी. डी. बंसल (प्रोफेसर एवं हेड, साइकेट्री डिपार्टमेंट)
डॉ. सुमित सैनी (नोडल ऑफिसर), डॉ. वरिंदरपाल
मरीजों के लिए जरूरी नियम और समय सारणी:
मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, मेथाडोन थेरेपी नशे की आदत और उसकी तलब को कंट्रोल करने तथा मरीज को नॉर्मल लाइफ में वापस लाने में बेहद मददगार है।
इस थेरेपी का लाभ उठाने के लिए मरीजों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:
मरीजों को थेरेपी के लिए रोज खुद क्लिनिक आना अनिवार्य होगा।
दवा बांटने का समय: क्लिनिक में दवा बांटने का समय सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तय किया गया है।
पंजाब सरकार और मेडिकल कॉलेज की यह सांझा कोशिश राज्य से नशे के खात्मे और युवाओं को नई जिंदगी देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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