पेड़ पर चढ़कर सुर्खियां बटोरने वाला बाबू निकला रिश्वतखोर!
ब्यौहारी तहसील में लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा, 75 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सरकारी मकान का मामला निपटाने के नाम पर वसूली, पहले भी ले चुका था 35 हजार रुपये
विनय द्विवेदी | ब्यौहारी, शहडोल
ब्यौहारी तहसील कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रीवा लोकायुक्त की टीम ने एक चर्चित सरकारी बाबू को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। सरकारी मकान से जुड़े विवाद को सुलझाने और कथित अवैध कब्जा हटाने के नाम पर लंबे समय से रिश्वत की मांग कर रहे सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति पर आखिरकार लोकायुक्त का शिकंजा कस गया।
दिलचस्प बात यह है कि यही कर्मचारी कुछ समय पहले अपनी मांगों को लेकर पेड़ पर चढ़कर नौटंकी करने के कारण सुर्खियों में आया था। उस समय उसने खुद को व्यवस्था का पीड़ित बताने की कोशिश की थी, लेकिन अब लोकायुक्त की कार्रवाई ने उसकी पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया है।
सरकारी मकान के नाम पर शुरू हुआ रिश्वत का खेल
जानकारी के अनुसार बाणसागर निवासी रमेश प्रसाद रजक ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक खंड लेखापाल उनके सरकारी मकान से जुड़े मामले को निपटाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति हैं।
बताया जाता है कि आरोपी कर्मचारी ने मकान संबंधी प्रकरण को सुलझाने और कब्जा हटवाने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता लगातार दबाव और मांगों से परेशान था, जिसके बाद उसने लोकायुक्त की शरण ली।
पहले ले चुका था 35 हजार, फिर मांगे 75 हजार और फंस गया जाल में
लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार आरोपी पहले ही शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये ले चुका था। इसके बाद भी उसकी मांगें खत्म नहीं हुईं और वह शेष राशि के लिए लगातार दबाव बनाता रहा। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने पूरे मामले का सत्यापन कराया और फिर कार्रवाई की रणनीति तैयार की।
जैसे ही नोट हाथ में आए, वैसे ही पहुंच गई लोकायुक्त टीम
मंगलवार को तहसील परिसर में लोकायुक्त टीम ने सादे कपड़ों में जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को 75 हजार रुपये नकद सौंपे। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपी के हाथों में पहुंची, पहले से मौजूद लोकायुक्त अधिकारियों ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथों को रासायनिक घोल से धुलवाया गया। जांच में हाथों का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप
लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद पूरे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और आम लोगों के बीच पूरे दिन इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही। अचानक हुई इस कार्रवाई ने कई कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दीं।
15 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई, बढ़े सवाल
गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों के भीतर ब्यौहारी क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी लोकायुक्त कार्रवाई है। लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि लोकायुक्त की ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहे तो सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
फिलहाल लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी सहायक खंड लेखापाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और लोकायुक्त टीम आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
बड़ी बात
जो कर्मचारी कभी पेड़ पर चढ़कर खुद को व्यवस्था का शिकार बता रहा था, वही अब रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। ब्यौहारी में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खि लाफ लोकायुक्त की बड़ी सफलता मानी जा रही है।





