मध्य प्रदेश उमरिया में बड़ा खुलासा: नौरोजाबाद के साप्ताहिक बाजारों में ‘पत्थर-बांट’ से तौल का आरोप, ग्राहकों में आक्रोश
उमरिया (मध्य प्रदेश) | विशेष रिपोर्ट | फैज मोहम्मद
उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र के साप्ताहिक बाजारों में तौल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि कई दुकानदार आज भी मानक बाट-बांट के बजाय पत्थर, ईंट और अन्य अनियमित वस्तुओं का उपयोग कर सामान तौल रहे हैं।
रविवार को लगने वाला नौरोजाबाद का मुख्य साप्ताहिक बाजार, जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए खरीद-फरोख्त का प्रमुख केंद्र माना जाता है, अब इस विवाद के कारण चर्चा में आ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे सब्जी, फल और रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदते हैं, लेकिन तौल की पारदर्शिता पर लगातार संदेह बना रहता है। एक ग्राहक ने नाराजगी जताते हुए कहा,
“हम पूरे पैसे देते हैं, लेकिन यह नहीं पता कि हमें सही वजन मिल रहा है या नहीं। विरोध करने पर दुकानदार बहस करने लगते हैं। मजबूरी में सामान खरीदना पड़ता है।”
नियमों की खुलेआम अनदेखी का आरोप:
जानकारी के अनुसार, नियमों के तहत प्रत्येक व्यापारी को सरकारी सत्यापित और सीलबंद मानक बाटों का उपयोग करना अनिवार्य है। इसके बावजूद आरोप है कि बाजार में कई स्थानों पर पत्थरों को ही 250 ग्राम, 500 ग्राम या एक किलो मानकर तौल किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नौरोजाबाद सहित आसपास के साप्ताहिक बाजारों में भी समय-समय पर ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह व्यवस्था लगातार जारी है।

प्रशासन और नाप-तौल विभाग पर सवाल:
मामले को लेकर नागरिकों ने नाप-तौल विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण किए जाएं तो ऐसी अनियमितताओं पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
क्या कहता है कानून?
कानूनी जानकारों के अनुसार, बिना प्रमाणित या गैर-मानक वजन का उपयोग करना विधिक माप विज्ञान अधिनियम (Legal Metrology Act) के तहत दंडनीय अपराध है।गैर-मानक वजन या माप के उपयोग पर जुर्माने का प्रावधान है।बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।नाप-तौल विभाग को ऐसे अवैध बाट, पत्थर और उपकरण जब्त करने का अधिकार प्राप्त है।
यदि किसी व्यापारी द्वारा जानबूझकर कम तौलकर ग्राहकों को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी से संबंधित प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

जनता की मांग:
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नाप-तौल विभाग से मांग की है कि नौरोजाबाद एवं आसपास के साप्ताहिक बाजारों में विशेष जांच अभियान चलाया जाए, मानक बाट-बांट की जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सही वजन और उचित मूल्य मिलना उनका अधिकार है, और इस अधिकार की रक्षा के लिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उमरिया से फैज मोहम्मद की रिपोर्ट
मो. 9340132853





