देवतालाब पंचायत में जल संकट गहराया, मलमास से पहले श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता – प्रशासन पर उठे सवाल
Deotalab ग्राम पंचायत में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। आने वाले मलमास को लेकर क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जहां 17 तारीख से हजारों श्रद्धालु और साधु-संत भगवान शिव को जल अर्पित करने पहुंचेंगे। लेकिन इसी बीच सबसे बड़ी समस्या यह सामने आ गई है कि उन्हें जल उपलब्ध कहां से होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पंचायत एक बड़ी पंचायत है, जहां जल आपूर्ति व्यवस्था और टंकी मरम्मत के नाम पर हर साल लाखों रुपये का टैक्स लिया जाता है, साथ ही अलग से जल कर भी वसूला जाता है। इसके बावजूद गांव में नियमित जल सप्लाई की स्थिति बेहद खराब है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बार भी मलमास के दौरान पानी की भारी किल्लत देखने को मिली थी, तब 10 से 20 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीदकर लोग अपनी जरूरतें पूरी कर रहे थे। इस बार भी स्थिति उसी दिशा में जाती दिख रही है। श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने के लिए या तो घर से पानी लाना पड़ेगा या महंगे दामों पर खरीदना पड़ेगा, जो लंबे समय तक संभव नहीं है।
गांव के लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जल सप्लाई और भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण स्थिति सुधर नहीं पा रही है, जबकि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय सरपंच से बात करने पर भी यही सामने आया कि कई जगहों पर पाइपलाइन और सर्विस लाइन टूटी पड़ी है, लेकिन मरम्मत कार्य गति नहीं पकड़ सका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि मलमास शुरू होने से पहले जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल पूरा क्षेत्र पानी की किल्लत को लेकर गंभीर संकट से जूझ रहा है और लोग प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।





