सिद्ध बाबा धाम में श्रद्धा और सौभाग्य का पर्व: महिलाओं ने विधि-विधान से किया वट सावित्री व्रत पूजन
अनूपपुर। दिगंबर शर्मा
अनूपपुर जिले के मुख्य मार्ग एनएच-43 के समीप ग्राम पंचायत दैखल पयारी स्थित प्रसिद्ध सिद्ध बाबा धाम में शुक्रवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर बरगद के वृक्ष के नीचे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सुबह से ही सिद्ध बाबा धाम परिसर में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर वट वृक्ष की परिक्रमा की और उसके तने पर पवित्र धागा एवं रस्सी लपेटकर व्रत का संकल्प लिया। महिलाओं ने कथा श्रवण कर मां सावित्री और सत्यवान की अमर कथा का स्मरण किया, जो भारतीय संस्कृति में पतिव्रता धर्म, समर्पण और अटूट प्रेम का प्रतीक मानी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट सावित्री व्रत में बरगद के वृक्ष की पूजा विशेष महत्व रखती है। वट वृक्ष को दीर्घायु, स्थिरता और जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सावित्री ने अपने तप, निष्ठा और संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे, तभी से यह व्रत अखंड सौभाग्य के प्रतीक पर्व के रूप में मनाया जाता है।
महिलाओं ने पूजा के दौरान परिवार की सुख-शांति, संतानों के उज्ज्वल भविष्य और घर में समृद्धि की भी कामना की। सिद्ध बाबा धाम का आध्यात्मिक वातावरण भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से भक्तिमय बना रहा। बताया गया कि प्रत्येक वर्ष यहां बड़ी संख्या में महिलाएं वट सावित्री व्रत करने पहुंचती हैं और पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना करती हैं।




