जिला जेल शहडोल में बंदी की हार्ट अटैक से मौत, जेल व्यवस्था पर उठे सवाल
शहडोल। जिला जेल शहडोल में सजा काट रहे एक बंदी की गुरुवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद एक बार फिर जेल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि बंदी को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
जानकारी के अनुसार कल्याणपुर निवासी रियाज मंसूरी (30) पिता इस्लाम मंसूरी धारा 306 आईपीसी के मामले में पांच वर्ष की सजा काट रहा था। उसे 9 फरवरी 2024 को जिला जेल शहडोल भेजा गया था। बताया गया कि गुरुवार दोपहर करीब 1:15 बजे उसने सीने में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद जेल प्रशासन द्वारा उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इलाज के दौरान उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था और वह अपने भाई व अन्य परिजनों से बातचीत भी कर रहा था। लेकिन कुछ देर बाद उसे दोबारा हार्ट अटैक आया और दोपहर लगभग 3 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में रखवाया गया है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जिला जेल अधीक्षक भास्कर पांडे ने बताया कि बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत होना बताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला जेल में एक कैदी द्वारा आत्महत्या की कोशिश का मामला सामने आ चुका है, जिसके बाद अब जेल की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट: फैज मोहम्मद, उमरिया





