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शहडोल: प्राचार्य ने तीन शिक्षकों पर ओटीपी दुरुपयोग, धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

admin
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शहडोल: प्राचार्य ने तीन शिक्षकों पर ओटीपी दुरुपयोग, धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

 

शहडोल।

जिले के ब्योहारी विकासखंड अंतर्गत पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुड़वा के प्राचार्य बैजनाथ कोल ने कलेक्टर शहडोल को एक लिखित शिकायत सौंपकर विद्यालय के तीन शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्राचार्य ने आरोप लगाया है कि शिक्षक कमलेश बैस, द्वारिका सोनी और भुवनेश्वर बैस द्वारा उनके मोबाइल का दुरुपयोग कर ओटीपी के माध्यम से अनधिकृत कार्यवाही की गई, जिससे एक अतिथि शिक्षक का नाम पोर्टल से हटा दिया गया।

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प्राचार्य द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि उन्हें कंप्यूटर और मोबाइल संचालन की अधिक जानकारी नहीं है, जिसका लाभ उठाकर उक्त शिक्षकों द्वारा उनका मोबाइल उपयोग किया जाता है और प्रशासनिक कार्य भी उन्हीं के माध्यम से संपन्न किए जाते हैं। आरोप है कि इसी दौरान मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का दुरुपयोग करते हुए अतिथि शिक्षक धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी का नाम बिना किसी आदेश या कारण के पोर्टल से हटा दिया गया।

 

प्राचार्य का कहना है कि संबंधित अतिथि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहते थे और उनका अध्यापन कार्य संतोषजनक था, ऐसे में उनका नाम हटाया जाना न तो किसी वरिष्ठ कार्यालय के आदेश पर आधारित था और न ही इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण बताया गया। उन्होंने इसे धोखाधड़ीपूर्ण कार्रवाई बताया है और कहा है कि इससे संबंधित शिक्षक को नुकसान हुआ है।

 

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आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि तीनों शिक्षकों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। प्राचार्य ने कहा है कि उन पर दबाव बनाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, विद्यालय कार्यों में सहयोग नहीं किया जाता और विरोध करने पर धमकी देने तथा स्थानीय लोगों को बुलाकर दबाव बनाने जैसी स्थितियाँ उत्पन्न की जाती हैं।

 

प्राचार्य ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों को की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक आदिवासी प्राचार्य होने के कारण उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

 

उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तीनों शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा पोर्टल से हटाए गए अतिथि शिक्षक का नाम पुनः बहाल किया जाए। साथ ही उन्होंने ओटीपी के कथित दुरुपयोग और प्रशासनिक अनियमितताओं की भी जांच की मांग की है।

 

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले के उजागर होने के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय प्रशासन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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