कुल हिंद किसान सभा का बड़ा ऐलान: 22 जुलाई को टोल प्लाजा होंगे फ्री, बीजेपी नेताओं के घरों का होगा घेराव…

लुधियाना (अलेक्जेंडर डिसूजा): देश में किसानों और मजदूरों के हक की आवाज को बुलंद करते हुए कुल हिंद किसान सभा ने एक बार फिर बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। लुधियाना के शहीद करनैल सिंह इसरू भवन में साथी बलदेव सिंह निहालगढ़ की अध्यक्षता में कुल हिंद किसान सभा की पंजाब स्टेट काउंसिल की एक बेहद अहम मीटिंग संपन्न हुई। इस बैठक में जहां पिछले कामों की रिपोर्ट पेश की गई, वहीं केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया।
22 जुलाई और 10 अगस्त को राज्यव्यापी बड़े एक्शन की तैयारी:
स्टेट जनरल सेक्रेटरी बलकरण सिंह बराड़ ने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर आगामी आंदोलनों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 22 जुलाई को टोल फ्री और घेराव: भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट और पंजाब सरकार की ‘लैंड पूलिंग पॉलिसी’ के विरोध में पंजाब के सभी टोल प्लाजा फ्री किए जाएंगे। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बड़े नेताओं के घरों के सामने जोरदार प्रदर्शन किए जाएंगे।
10 अगस्त को ‘कॉर्पोरेट भारत छोड़ो दिवस’: संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में पूरे पंजाब में कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ ‘कॉर्पोरेट भारत छोड़ो दिवस’ पूरे जोश के साथ मनाया जाएगा।
पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए पास हुए अहम प्रस्ताव:
बैठक के दौरान पंजाब के ज्वलंत और हकूक के मुद्दों पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से कई जरूरी प्रस्ताव पास किए गए:-
रिपेरियन सिद्धांत: पंजाब की नदियों के पानी का बंटवारा अंतरराष्ट्रीय रिपेरियन (Riparian) सिद्धांत के अनुसार ही किया जाए।
बीबीएमबी में सदस्यता: भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में पंजाब और हरियाणा की स्थायी सदस्यता (Permanent Membership) को तुरंत बहाल किया जाए।
चंडीगढ़ और भाषा का मुद्दा: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को तुरंत पंजाब को सौंपा जाए और राज्य में पंजाबी भाषा को उसका बनता सम्मानजनक स्थान दिया जाए।
किसान-मजदूर एकता और मुख्य मांगें:
बैठक में पंजाब एटक के प्रेसिडेंट कॉमरेड निर्मल सिंह धालीवाल और कॉमरेड हरदेव सिंह अर्शी ने विशेष रूप से शिरकत की। नेताओं ने जोर देकर कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन की अधूरी मांगों को मनवाने के लिए किसानों, मजदूरों और ट्रेड यूनियनों को एकजुट होना होगा। संगठन ने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें उठाईं:-
फसलों की खरीद के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) गारंटी कानून तुरंत बनाया जाए।
नए बिजली संशोधन बिल और बीज बिल को वापस लिया जाए।
किसानों और मजदूरों के सभी प्रकार के कर्ज माफ किए जाएं।
मनरेगा कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द हों।
15 जिलों के किसान नेताओं ने भरी हुंकार
इस प्रांतीय बैठक में पंजाब के 15 अलग-अलग जिलों के प्रमुख रणनीतिकारों और नेताओं ने हिस्सा लिया।
मौजूद प्रमुख चेहरे:
बैठक में मुख्य रूप से महावीर सिंह पट्टी, बलकार सिंह वल्टोहा, सूरत सिंह धर्मकोट, हरदयाल सिंह घाली, जगजीत सिंह धुरकोट, कुलवंत सिंह मौलवीवाल, सुरिंदर सिंह ढंडियां, चमकौर सिंह बर्मी, बलबीर सिंह कट्टोवाल, जसविंदर सिंह अठवाल, लखबीर सिंह निजामपुर, रूप सिंह ढिल्लों, जसबीर सिंह अकलियां, गुरनाम सिंह रोपड़, जसविंदर सिंह भंगल, सुखजिंदर सिंह तुब्रभान, बलविंदर सिंह, सुरिंदर सिंह मोहाली और जगजीत सिंह फिरोजपुर समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
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फोटो कैप्शन: लुधियाना के शहीद करनैल सिंह इसरू भवन में कुल हिंद किसान सभा की पंजाब स्टेट काउंसिल की मीटिंग के दौरान रणनीति तैयार करते किसान नेता।





