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अनूपपुर में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर जताया विरोध

admin
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अनूपपुर में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर जताया विरोध

 

अनूपपुर।

अनूपपुर में राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर राज्यभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के तहत अनूपपुर जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन चौक पर यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया।

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कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान ने किया, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में संविधान की प्रति लेकर शांतिपूर्ण गांधीवादी तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश सिंह, गौ संरक्षण प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ. व्हीपीएस चौहान, विधानसभा प्रभारी आशीष त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जिला अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुश्री मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई भी विधिवत आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और चुनाव आयोग के समक्ष सभी तथ्य प्रस्तुत किए गए थे, इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर की कार्रवाई को उन्होंने भाजपा की पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल एक उम्मीदवार का नहीं, बल्कि लोकतंत्र, मताधिकार और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय मानती है।

 

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कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह विभिन्न मामलों में अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं, उसी तरह अब राज्यसभा की एक सीट को लेकर भी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई है। नेताओं ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।

 

उपवास के दौरान मौजूद कांग्रेसजनों ने निर्वाचन आयोग की कार्यवाही पर भी नाराजगी जताई और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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