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बस स्टैंड के सुलभ कॉम्प्लेक्स में मिला नवजात का शव, पहचान न होने पर पुलिस व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया अंतिम संस्कार

admin
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बस स्टैंड के सुलभ कॉम्प्लेक्स में मिला नवजात का शव, पहचान न होने पर पुलिस व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया अंतिम संस्कार

 

अनूपपुर, 07 जून।

मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना शनिवार शाम अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सामने आई, जहां एक नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जन्म लेते ही जीवन की शुरुआत करने वाला मासूम दुनिया को ठीक से देख भी नहीं पाया और उसे इस तरह असहाय अवस्था में छोड़ दिया गया कि उसकी मौत हो गई। घटना ने समाज और संवेदनशील नागरिकों को गहरे तक विचलित कर दिया है।

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जानकारी के अनुसार शनिवार शाम कोतवाली पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि बस स्टैंड परिसर में स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के शौचालय में एक नवजात शिशु मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नवजात बालक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण गृह के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया तथा नवजात की पहचान और उसे वहां छोड़ने वाले लोगों की तलाश शुरू कर दी।

 

पुलिस ने विभिन्न माध्यमों से नवजात की पहचान कराने तथा उसके परिजनों तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शिशु का जन्म हाल ही में हुआ था और उसे अज्ञात परिस्थितियों में वहां छोड़ दिया गया।

 

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रविवार दोपहर जिला चिकित्सालय में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. संजय सिंह द्वारा नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर उस मासूम को सम्मानजनक विदाई देने का निर्णय लिया।

 

नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय एवं स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सहयोग से सोन नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में नवजात का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव, पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय के आरक्षक आशीष तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल, महेश प्रसाद रौतेल एवं गोपाल प्रसाद राठौर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

अंतिम संस्कार के समय नवजात के शव को कफन से ढका गया, फूल और अगरबत्ती अर्पित कर सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसे नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि भले ही इस मासूम की पहचान किसी को न हो सकी, लेकिन उसे सम्मान और संवेदना के साथ विदा करना समाज का कर्तव्य था।

 

इधर पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए उस अज्ञात महिला और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है, जिनका इस घटना से संबंध हो सकता है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों, अस्पतालों तथा अन्य स्रोतों से जानकारी एकत्र कर रही है। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को इस घटना से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त हो तो वह तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचित करे, ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके।

 

यह घटना केवल एक आपराधिक जांच का विषय नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़े उन गंभीर सवालों को भी उजागर करती है, जिनका संबंध नवजातों की सुरक्षा, मातृ संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से है। एक अनजान मासूम की यह दर्दनाक विदाई पूरे क्षेत्र को सोचने पर मजबूर कर रही है।

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