बाबा फरीद की पवित्र धरती से विदा होते हुए एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन की आंखें हुईं नम, लिखा बेहद भावुक संदेश,

“मैं सिर्फ पोस्ट छोड़ रही हूं, आपका प्यार और भरोसा हमेशा मेरी रूह का हिस्सा रहेगा”: डॉ. प्रज्ञा जैन (आईपीएस)
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): फरीदकोट जिले में सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के तौर पर बेहतरीन और जन-हितैषी सेवाएं देने के बाद, आईपीएस अधिकारी डॉ. प्रज्ञा जैन ने विदाई के समय फरीदकोट के लोगों के लिए एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है। भावनाओं और कृतज्ञता से भरे इस संदेश में उन्होंने जिले की जनता और अपनी पूरी पुलिस फोर्स का दिल से आभार व्यक्त किया।
“फरीदकोट ने मुझे सिर्फ पुलिस अफसर ही नहीं, बेहतर इंसान बनाया”:
डॉ. प्रज्ञा जैन ने अपने संदेश में लिखा कि मेरे प्यारे फरीदकोट वासियों, आज जब मैं यह मैसेज लिख रही हूं, तो मेरा दिल शुक्रिया, इमोशंस और उन अनगिनत यादों से भरा हुआ है जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगी। जब मैं एसएसपी बनकर फरीदकोट आई थी, तब मेरे कंधों पर एक ज़िम्मेदारी थी। लेकिन आज जब मैं यहां से जा रही हूं, तो अपने साथ एक बेहद कीमती चीज़ ले जा रही हूं-आपका भरोसा, आपका प्यार और वो यादें, जिन्होंने मुझे सिर्फ एक पुलिस अफसर ही नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान भी बनाया है।
पुलिस टीम की थपथपाई पीठ, जनता के सहयोग का जताया आभार:
अपने कार्यकाल के दौरान दिन-रात पूरी लगन से ड्यूटी करने वाले पुलिस महकमे के हर छोटे-बड़े कर्मचारी को याद करते हुए एसएसपी ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक टीम वर्क था। उन्होंने विशेष तौर पर धन्यवाद किया:-
ग्राउंड फोर्स: सभी SHOs, इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स और कांस्टेबल्स।
विशेष विंग: PCR टीमें, CIA स्टाफ और ट्रैफिक कर्मचारी।
सपोर्ट सिस्टम: महिला पुलिस कर्मचारी और ऑपरेटर्स।
डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा कि फरीदकोट पुलिस के हर उस सदस्य का दिल से शुक्रिया, जिनकी चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत की वजह से हम कानून और व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रख पाए।
बाबा फरीद की पवित्र धरती से जुड़ा रूहानी रिश्ता
महान सूफी संत बाबा शेख फरीद जी की इस पावन धरती के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा जाहिर करते हुए डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा कि फरीदकोट मेरे लिए सिर्फ एक पोस्टिंग का जिला नहीं था। यह हमेशा बाबा शेख फरीद जी की पवित्र धरती के तौर पर मेरे दिल में रहेगा। इस धरती की रूह में प्यार, नम्रता, सेवा और इंसानियत बसती है। जब भी मुझे बाबा फरीद जी के दरबार में माथा टेकने का सौभाग्य मिला, मुझे वहां से एक असीम शांति और आत्मिक शक्ति महसूस हुई।
विदाई पर कहा- “हमेशा दिल के करीब रहेगा फरीदकोट”:
अपने संदेश के अंत में डॉ. प्रज्ञा जैन ने बड़े ही सम्मान के साथ लिखा कि आज वह भले ही इस पद को छोड़ रही हैं, लेकिन फरीदकोट से मिले रिश्ते, प्यार और सम्मान को वह हमेशा अपने साथ संजोकर रखेंगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन का साथ देने और उन्हें फरीदकोट का एसएसपी बनने का गौरव प्रदान करने के लिए जिले के प्रत्येक निवासी का सहृदय धन्यवाद किया।
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फोटो: एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन।





