मोदी विदेशों में बढ़ा रहे भारत का मान, विपक्ष कर रहा देश को बदनाम — हिमांशु द्विवेदी
*उमरिया फैज मोहम्मद की रिपोर्ट*
भारत आज जिस मजबूती और आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है, उसके पीछे प्रधानमंत्री Narendra Modi की दूरदर्शी विदेश नीति और प्रभावशाली नेतृत्व की बड़ी भूमिका है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की गई विदेश यात्राएं भारत के लिए आर्थिक, रणनीतिक, तकनीकी और वैश्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाली हैं।
यह बात भाजपा नेता एवं समाजसेवी हिमांशु द्विवेदी ने कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जब भी किसी देश की यात्रा पर जाते हैं तो उनका उद्देश्य केवल कूटनीतिक मुलाकातें करना नहीं होता, बल्कि भारत के लिए नए अवसर, निवेश, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना होता है। आज दुनिया भारत को एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में देख रही है और यही प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की सबसे बड़ी सफलता है।
हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि हाल ही में हुई पांच देशों की यात्रा से भारत को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने वाले हैं। संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिली है। तेल और गैस आपूर्ति को लेकर हुए समझौते भविष्य में भारत को ऊर्जा संकट से बचाने में मदद करेंगे। साथ ही रक्षा, साइबर सुरक्षा और निवेश के क्षेत्र में हुए समझौतों से भारत को आर्थिक और सामरिक लाभ मिलेगा। UAE द्वारा भारत में निवेश बढ़ाने की दिशा में हुई चर्चा देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग क्षेत्र को नई गति दे सकती है।

उन्होंने कहा कि नीदरलैंड की यात्रा भारत के लिए हाई-टेक उद्योग, लॉजिस्टिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण रही। भारत आने वाले समय में सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे सहयोग भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही यूरोपीय देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होने से भारतीय उद्योगों और निर्यात को भी लाभ मिलेगा।हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि स्वीडन यात्रा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन टेक्नोलॉजी, रक्षा उत्पादन और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। इससे भारत में नई तकनीकों का विकास तेज होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक उद्योगपतियों से हुई मुलाकातों से “Make in India” अभियान को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नॉर्वे यात्रा भारत के लिए हरित ऊर्जा, जलवायु तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगी। भारत को Arctic research और space technology में सहयोग मिलने से वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और sustainable development के क्षेत्र में भारत को अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त होगा।
हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि इटली यात्रा से भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं। रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में हुए समझौते भारत की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करेंगे। साथ ही India-Middle East-Europe Economic Corridor पर हुई चर्चा भविष्य में भारत को वैश्विक व्यापार का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद कर सकती है। इससे भारत के निर्यात, परिवहन और व्यापारिक संपर्कों को बहुत बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इन पांच देशों की यात्राओं से भारत को केवल आर्थिक लाभ ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और रणनीतिक मजबूती भी मिली है। आज विश्व भारत को एक स्थिर, विश्वसनीय और निर्णायक नेतृत्व वाले राष्ट्र के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति के कारण भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हुई है।
हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि आज दुनिया भारत में निवेश करना चाहती है, भारत के साथ व्यापार करना चाहती है और भारत को भविष्य की आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रधानमंत्री मोदी का मजबूत नेतृत्व और उनकी प्रभावशाली वैश्विक छवि है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री मोदी विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने, निवेश लाने और भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में जुटे हैं, वहीं कुछ विपक्षी नेता विदेशी मंचों पर जाकर भारत की कमियां गिनाने और देश की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन विदेशों में जाकर अपने ही देश को बदनाम करना राष्ट्रहित के खिलाफ मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विदेशों में भारत की छवि किसी एक सरकार या दल की नहीं बल्कि पूरे देश की छवि होती है। यदि कोई नेता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को अस्थिर या कमजोर दिखाने की कोशिश करता है तो उसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, विदेशी निवेश और वैश्विक संबंधों पर पड़ता है।
हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति, मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्णायक नेतृत्व की चर्चा कर रहा है। ऐसे समय में देशहित को राजनीति से ऊपर रखना हर जिम्मेदार नागरिक और नेता का कर्तव्य होना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राएं केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। आने वाले समय में यही वैश्विक साझेदारियां भारत को आर्थिक, तकनीकी और सामरिक रूप से दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल करेंगी।





