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राजस्थान फीडर कैनाल की रीलाइनिंग का काम ‘युद्ध स्तर’ पर, मंत्री गोयल ने किया औचक निरीक्षण…

Alexander D’Souza
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राजस्थान फीडर कैनाल की रीलाइनिंग का काम ‘युद्ध स्तर’ पर, मंत्री गोयल ने किया औचक निरीक्षण… 


फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): पंजाब की जीवनरेखा मानी जाने वाली नहरों के कायाकल्प के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज राजस्थान फीडर कैनाल की रीलाइनिंग के चल रहे कार्यों का जायजा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।
60 साल पुराना खतरा होगा खत्म:
मंत्री गोयल ने मौके पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह नहर लगभग छह दशक पुरानी हो चुकी थी और इसकी हालत बेहद जर्जर थी।
सुरक्षा का मुद्दा: राजस्थान फीडर और सरहिंद फीडर के ‘common bank’ (साझा तटबंध) के टूटने का खतरा लगातार बना रहता था, जिससे पूरे इलाके में बाढ़ का डर था।
बड़ा निवेश: सरकार ने 800 करोड़ रुपये खर्च कर सरहिंद फीडर की रीलाइनिंग पूरी कर ली है, जिससे जान-माल के नुकसान का डर अब बीते दौर की बात हो गई है।
पर्यावरण और किसान हित में बड़ा फैसला: ईंटों से होगा ‘बेड’ का निर्माण:
फरीदकोट के निवासियों, किसानों और सामाजिक संगठनों की विशेष मांग पर सरकार ने एक तकनीकी बदलाव किया है।
नेचुरल रिचार्ज: शहर के पास 12.50 किमी के दायरे में नहर के बेड (तल) पर कंक्रीट के बजाय ईंटें लगाई जा रही हैं।
लक्ष्य: इसका मुख्य उद्देश्य ग्राउंडवाटर को प्राकृतिक रूप से रिचार्ज करना है ताकि क्षेत्र का जलस्तर सुधर सके।
बजट: राजस्थान फीडर के शेष 16.62 किमी हिस्से के नवीनीकरण पर 170 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
नहरी पानी के उपयोग में 26% से 78% का उछाल:
श्री गोयल ने मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर 6700 करोड़ रुपये के निवेश का असर अब धरातल पर दिख रहा है:-
“प्रदेश में नहरी पानी का इस्तेमाल जो पहले मात्र 26% था, वह अब बढ़कर 78% हो गया है। आज टेल (अंतिम छोर) पर बैठे किसान के खेत तक भी पूरा पानी पहुँच रहा है।
इलाके में खुशी की लहर:
क्षेत्रीय विधायक स. गुरदित सिंह सेखों ने इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नहर के बेड में ईंटें बिछाने के फैसले से न केवल सीपेज रुकेगी, बल्कि वाटर लॉगिंग (सेम) की समस्या से भी स्थायी निजात मिलेगी।
मौके पर उपस्थिति:
इस रिव्यू मीटिंग के दौरान एसडीएम पुनीत शर्मा, पूर्व विधायक रमनप्रीत सिंह मान, चीफ इंजीनियर शेर सिंह, सुपरवाइजिंग इंजीनियर संदीप गोयल सहित सिंचाई विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
न्यूज़: 8-3
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