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पलिया दुकान में अधूरी पुलिया निर्माण से ग्रामीणों की जान जोखिम में, 3 साल से काम अधर में

admin
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📰 विशेष रिपोर्ट | दिनानाथ गुप्ता

 

पलिया दुकान में अधूरी पुलिया निर्माण से ग्रामीणों की जान जोखिम में, 3 साल से काम अधर में

 

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मऊगंज (मध्य प्रदेश):

नवगठित जिला Mauganj district के अंतर्गत आने वाले ग्राम पलिया दुकान में बन रही पुलिया और सड़क का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण काम समय पर पूरा नहीं हो सका।

 

यह मार्ग Raghunathganj से होते हुए पलिया दुकान और आगे Raghurajgarh को जोड़ता है, जो क्षेत्रीय आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

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ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। पुलिया पर पानी का बहाव इतना तेज होता है कि सड़क पूरी तरह डूब जाती है और पानी 2 से 3 फीट से अधिक ऊपर बहता है। इस दौरान आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार लोग फिसलकर पुलिया से गिर चुके हैं और छोटे बच्चों की जान भी जोखिम में पड़ चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं किया गया है।

 

भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप

 

ग्रामीणों ने ठेकेदार पर घटिया निर्माण और कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तीन साल बीत जाने के बाद भी पुलिया का अधूरा रहना प्रशासनिक उदासीनता और निर्माण कार्य में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।

 

जनता का सवाल — जिम्मेदार कौन?

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि निर्माण कार्य में देरी और गुणवत्ता में कमी के लिए जिम्मेदार कौन है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

 

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

 

नवगठित जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिला बनने के बाद उम्मीद थी कि विकास कार्यों में तेजी आएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।

 

यह अधूरी पुलिया न केवल विकास कार्यों की धीमी गति को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आने वाले बरसात के मौसम से पहले यदि कार्य पूरा नहीं हुआ, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

 

— दिनानाथ गुप्ता की विशेष रिपोर्ट

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